1930 से मुस्लिमों की आबादी बढ़ाई गई, इसके बाद बना पाक : भागवत

 22 Jul 2021 12:13 AM

गुवाहाटी दो दिन के असम दौरे पर पहुंचे संघ प्रमुख मोहन भागवत ने मंगलवार को मुस्लिमों और पाकिस्तान पर नया बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारत में 1930 से योजनाबद्ध तरीके से मुस्लिमों की संख्या बढ़ाई गई। भारत में बंगाल, असम और सिंध को भी पाकिस्तान बनाने की योजना थी। ये पूरी तरह कामयाब नहीं हुई, पर पाकिस्तान बन गया। भागवत गुवाहाटी में असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा की मौजूदगी में एनआरसी और सीएए पर लिखी एक किताब के विमोचन के मौके पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि एनआरसी और सीएए को हिंदू- मुस्लिम विभाजन की तरह पेश किया जाना राजनीतिक साजिश है। आजादी के बाद देश के पहले प्रधानमंत्री ने कहा था कि अल्पसंख्यकों का ध्यान रखा जाएगा और अब तक ऐसा किया गया है। हम भी ऐसा करते रहेंगे। सीएए के चलते किसी मुस्लिम को नुकसान नहीं होगा। सिटीजनशिप अमेंडमेंट एक्ट इसलिए लाया जा रहा है, ताकि पड़ोसी देशों में परेशान अल्पसंख्यकों को यातना से सुरक्षा दी जा सके। अगर बहुसंख्यक भी किसी डर के कारण हमारे देश में आना चाहते हैं तो हम उनकी भी मदद करेंगे।

17 दिन पहले कहा था - भारतीयों का डीएनए एक

इससे पहले 4 जुलाई को भागवत ने एक किताब के विमोचन के दौरान कहा था- यदि कोई हिंदू कहता है कि मुसलमान यहां नहीं रह सकता है, तो वह हिंदू नहीं है। गाय एक पवित्र जानवर है, लेकिन जो इसके नाम पर दूसरों को मार रहे हैं, वो हिंदुत्व के खिलाफ हैं। ऐसे मामलों में कानून को अपना काम करना चाहिए। सभी भारतीयों का डीएनए एक है, चाहे वो किसी भी धर्म का हो। भागवत के इस बयान पर राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने कहा था- मोहन भागवत जी यह विचार क्या आप अपने शिष्यों, प्रचारकों, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल कार्यकर्ताओं को भी देंगे?