83 तेजस विमानों से वायुसेना की ताकत को बढ़ाने की तैयारी

 14 Jan 2021 01:37 AM

नई दिल्ली। सुरक्षा मामलों पर मंत्रिमंडल की समिति (सीसीएस) ने घरेलू रक्षा खरीद के तहत करीब 48,000 करोड़ रुपए की लागत से 83 तेजस विमान खरीदने को बुधवार को मंजूरी प्रदान कर दी। केंद्रीय रक्षा मंत्री मंत्री राजनाथ सिंह ने यह जानकारी दी। राजनाथ सिंह ने ट्वीट कर जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई सुरक्षा मामलों पर मंत्रिमंडल समिति (सीसीएस) की बैठक में यह फैसला लिया गया। यह सौदा भारतीय रक्षा विनिर्माण के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए गेम चेंजर होगा। रक्षा मंत्री ने कहा, घरेलू स्तर पर तैयार किए जाने वाले एलसीए तेजस से जुड़ी इस खरीद पर करीब 48,000 करोड़ रुपए लागत आएगी। रक्षा मंत्रालय के बयान के अनुसार, मंत्रिमंडल ने हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) से भारतीय वायु सेना के लिए 83 तेजस विमान खरीदने को मंजूरी प्रदान कर दी। इसके तहत 73 हल्के लड़ाकू विमान तेजस एमके-1ए और 10 तेजस एमके-1 प्रशिक्षण विमान शामिल है।

क्यों है खास: स्वदेशी ‘तेजस’ तेजस की खासियत है कि कम ऊंचाई पर उड़कर दुश्मन पर नजदीक से सटीक निशाना साध सकता है और यह दुश्मन के रडार को चकमा देने में माहिर है। तेजस हवा से हवा में और हवा से जमीन पर मिसाइल दागने में सक्षम है। इसमें एंटीशिप मिसाइल, बम और रॉकेट भी लगाए जा सकते हैं। डर्बी और अस्त्र मिसाइल से भी ‘तेजस’ लैस हो सकता है। इतना ही नहीं, ‘तेजस’ लड़ाकू विमान के जरिए लेजर गाइडेड बम से दुश्मनों पर हमला किया जा सकता है। आधुनिक रडार और मिसाइल जैमर से भी इस लड़ाकू विमान को लैस किया गया है।

2029 तक सभी 83 विमानों को वायुसेना को सौंपने का रखा गया है लक्ष्य

रक्षा मंत्रालय के अनुसार वर्ष 2029 तक सभी 83 विमानों को वायुसेना को सौंपने का लक्ष्य है। इन 83 विमानों से वायुसेना की कम से कम 6 स्कॉवड्रन बन जाएंगी। एक स्कॉवड्रन में 16-18 शक्तिशाली लड़ाकू विमान होते हैं। बता दें कि ये 83 मार्क वन-ए फाटइर जेट पुराने सौदे वाले मार्क वन से ज्यादा एडवांस यानि खतरनाक हैं।

ताकत: 2,222 किमी/घंटा की रμतार से भर सकता है उड़ान

ध्वनि की गति से दोगुनी रμतार से उड़ान भरने वाला लड़ाकू विमान ‘तेजस’ 2,222 किमी प्रति घंटा की गति से उड़ान भरने में सक्षम है। इसलिए यह विमान वायुसेना के लिए बेहद खास है। इतना ही नहीं, ‘तेजस’ एक बार में 3,850 किमी की दूरी तक उड़ान भरने की क्षमता रखता है। अगर सभी तरह के हथियारों से ‘तेजस’ को लैस कर दिया जाए, तो इसका कुल वजन करीब 13,500 किलो तक हो जाता है। पूरी तरह से स्वदेशी लड़ाकू विमान ‘तेजस’ 13.2 मीटर लंबा और 4.4 मीटर ऊंचा है।

हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लि. ने विकसित किया है तेजस

तेजस चौथी पीढ़ी का लड़ाकू विमान है, जिसे एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी और हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा विकसित किया गया है। हल्का लड़ाकू विमान एमके-1ए का डिजाइन एवं विकास स्वदेशी स्तर पर किया गया है और यह चौथी पीढ़ी के लड़ाकू विमान से जुड़े अत्याधुनिक उपकरणों से लैस है।

100 मीटर तक फायर करने वाली पहली स्वदेशी पिस्टल बनाई गई

इधर, भारत की पहली स्वदेशी मशीन पिस्टल एएसएमआई आज सेना के नवाचार प्रदर्शन कार्यक्रम में दिखाई गई। यह पिस्टल पूरी तरह से भारत निर्मित है और इसे डीआरडीओ ने विकसित किया है। इस पिस्टल को बनाने में भारतीय सेना ने भी मदद की है। यह 100 मीटर रेंज तक फायर करने वाली पहली स्वदेशी पिस्टल है।