सचिन वझे का एनआईए को पत्र; अनिल देशमुख ने वसूली करने को कहा था, मंत्री परब ने भी टारगेट दिया था

 07 Apr 2021 10:07 PM

मुंबई। एंटीलिया केस और मनसुख हिरेन की हत्या केस में गिरफ्तार सस्पेंड पुलिस अधिकारी सचिन वझे ने मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह के आरोपों पर मुहर लगा दी है। सचिन ने एनआईए को लिखे पत्र में आरोप लगाया है कि महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख और राज्य के ट्रांसपोर्ट मंत्री अनिल परब ने उन्हें उगाही करने को कहा था। इससे पहले परमबीर सिंह ने भी आरोप लगाया था कि देशमुख ने ही वझे को हर महीने 100 करोड़ रुपए उगाही का टारगेट दिया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सचिन वझे ने एनआई को हाथ से लिखे पत्र में दावा किया है कि एनसीपी चीफ शरद पवार मुंबई पुलिस में उसकी बहाली के विरोध में थे। अनिल देशमुख ने उसे (वझे) कहा था कि यदि वह 2 करोड़ रुपए लाकर देगा तो वह शरद पवार को मना लेंगे। वझे ने यह भी दावा किया कि महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री अनिल परब ने भी उसे बीएमसी से जुड़े 50 ठेकेदारों से 2-2 करोड़ रुपए उगाही करने को कहा था। चार पेज के इस पत्र को वझे ने एनआईए कोर्ट को सौंपा है। 

सचिन ने दावा किया है कि अनिल देशमुख ने उसे अक्टूबर 2020 में साहाद्री गेस्ट हाउस में बुलाया और मुंबई में 1650 बार और रेस्त्रां से उगाही करने को कहा। हालांकि, वझे ने यह भी कहा है कि उसने ऐसा करने से इनकार कर दिया था। वझे ने लिखा है कि अनिल देशमुख ने एक बार फिर जनवरी 2021 में ऐसा करने को कहा। उसकी यह मुलाकात देशमुख के सरकारी बंगले पर हुई थी। मंत्री के पीए कुंदन भी वहां मौजूद थे। मीटिंग में देशमुख ने हर बार और रेस्त्रां से 3-3.5 लाख रुपए वसूलने को कहा। 

वझे ने कहा कि अनिल परब ने जुलाई-अगस्त 2020 में मुलाकात की थी और सैफी बुरहानी अपलिफ्टमेंट ट्रस्ट से 50 करोड़ वसूलने को कहा था, जिसके खिलाफ जांच चल रही थी। 

वाझे ने कहा कि जुलाई-अगस्त 2020 में मंत्री अनिल परब ने मुझे बंगले पर बुलाया। परब ने मुझे शिकायत में जांच देखने और ट्रस्टीज से तोलमोल करने को कहा। उन्होंने मुझे जांच बंद कराने के नाम पर 50 करोड़ लाने को कहा। मैंने इसमें असमर्थता जताई क्योंकि सैफी बुरहानी अपलिफ्टमेंट ट्रस्ट में किसी को नहीं जानता था और जांच पर मेरा कोई नियंत्रण नहीं था। परब ने एक बार फिर जनवरी 2021 में बुलाया और बीएमसी के कुछ ठेकेदारों के खिलाफ जांच और प्रत्येक से 2 करोड़ रुपए वसूलने को कहा। वाझे ने यह भी दावा किया है कि उसने अनिल देशमुख और अनिल परब से उगाही को लेकर मिले आदेश के बारे में पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह को सूचित किया था। परमबीर सिंह ने उन्हें इन मांगों को नहीं मानने को कहा था।

यह है मामला
उद्योपति मुकेश अंबानी के घर के बाहर विस्फोटक वाली कार और इसके मालिक मनसुख हिरेन की हत्या के मामले में वझे को गिरफ्तार किया गया था। इस समय वझे एनआईए की रिमांड पर है और बुधवार को ही स्पेशल कोर्ट ने सीबीआई को भी उससे पूछताछ की इजाजत दी है। मुंबई के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह की ओर से देशमुख पर लगाए गए आरोपों की जांच सीबीआई को सौंपी गई है। हालांकि, उद्धव सरकार अभी भी देशमुख का बचाव कर रही है और इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई है।