सीरो सर्वे : 79% लोगों में एंटीबॉडी के साथ मप्र देश में टॉप पर, केरल सबसे पीछे

 30 Jul 2021 03:21 AM

नई दिल्ली इंडियन मेडिकल रिसर्च काउंसिल (आईसीएमआर) द्वारा देश के 21 राज्यों में किए गए एक सर्वे में सामने आया है कि यहां की दो तिहाई आबादी में कोरोना वायरस एंटीबॉडी विकसित हो गई हैं। 79% लोगों में एंटीबॉडी के साथ मध्य प्रदेश सबसे आगे है, जबकि सिर्फ 44.4% लोगों एंटीबॉडी बनने के साथ केरल सबसे पीछे है। चिंता की बात यह है कि फिलहाल देश में सबसे ज्यादा संक्रमण के मामले केरल में ही सामने आ रहे हैं। आईसीएमआर की तरफ से 14 जून से 16 जुलाई के बीच कराए गए सीरो सर्वे की रिपोर्ट बुधवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी की। देश के 70 जिलों में आईसीएमआर का यह चौथा सीरो सर्वे है। क्या है सीरो सर्वे : कोरोना के राष्ट्रीय प्रसार के आकलन के लिए सीरो सर्वे किया जाता है। किसी आबादी के ब्लड सीरम में एंटीबॉडी है या नहीं इसे पता लगाने की प्रक्रिया को ही ‘सीरो सर्वे’ कहा जाता है। अगर इस टेस्ट में किसी व्यक्ति में किसी एंटीबॉडी का स्तर बहुत ज्यादा मिलता है, तो मान लिया जाता है कि वह व्यक्ति कोरोना संक्रमित हो चुका है।

सभी राज्यों को सीरो सर्वे कराने की सलाह

बुधवार को स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने एक पत्र लिखकर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सलाह दी है कि वे जिला-स्तरीय डाटा तैयार करने के लिए आईसीएमआर के दिशा-निर्देश में खुद सीरो सर्वे करा लें। जिससे उस आंकड़ें का इस्तेमाल कोरोना की रोकथाम के लिए किया जा सकेगा। बता दें कि आईसीएमआर का सीरो सर्वे राष्ट्रीय स्तर पर कोरोना संक्रमण के फैलाव के स्तर को समझने के लिए डिजाइन किया गया था। आईसीएमआर के महानिदेशक बलराम भार्गव ने पिछले सप्ताह सीरो सर्वे के नतीजे बताते हुए कहा था देश में लगभग 40 करोड़ यानी 33 फीसदी ऐसे लोग हैं, जिनमें कोरोना की एंटीबाडी नहीं पाई गई है। यानी इन लोगों के कोरोना वायरस की चपेट में आने का खतरा बना हुआ है।

आईसीएमआर का सर्वे व उसके द्वारा जारी की गई रिपोर्ट मेरे संज्ञान में नहीं है। प्रदेश में 70 प्रतिशत एंटीबॉडी बनने की प्रमुख वजह लोगों का बेहतर खान-पान और वैक्सीनेशन के लिए उत्साह माना जा सकता है। - डॉ. टीएन दुबे, कुलपति, मप्र मेडिकल साइंस विवि

यह एक अच्छा संकेत

कोरोना की दूसरी लहर ने प्रदेश के करीब 80 फीसदी लोगों को प्रभावित किया । इसमें बहुत लोग होम आइसोलेशन में ठीक हुए। जिन लोगों को वायरस ने अधिक प्रभावित किया, वही अस्पताल जाने के लिए मजबूर हुए। जून के अंतिम सप्ताह में मप्र के अलावा देश के अन्य राज्यों में आईसीएमआर दिल्ली द्वारा सीरो सर्वे कराया गया, जिसकी रिपोर्ट जुलाई में जारी की गई है। वायरस से लड़ते हुए 70 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी बनना अच्छा संकेत है। - डॉ. अपरूप दास, डायरेक्टर, आईसीएमआर, जबलपुर