टूलकिट मामला: पर्यावरण एक्टिविस्ट दिशा रवि को पटियाला हाउस कोर्ट ने एक लाख के निजी मुचलके पर जमानत दी

 23 Feb 2021 04:26 PM

'टूलकिट' मामले में गिरफ्तार बेंगलुरु की पर्यावरण एक्टिविस्ट दिशा रवि को पटियाला हाउस कोर्ट ने एक लाख रुपए का निजी मुचलके पर जमानत दे दी है। दिशा की एक दिन की पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद मंगलवार दोपहर को उसे पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया था। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने कोर्ट से आगे पूछताछ के लिए दिशा की रिमांड बढ़ाने की अपील की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। जानकारी के अनुसार फिलहाल उन्हें जेल जाना होगा जहां से कागजी कार्रवाई के बाद दिशा की आज शाम या कल सुबह तक रिहाई हो सकेगी।

दिशा रवि के वकील ने शनिवार को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट से कहा था कि यह दशार्ने के लिए कोई साक्ष्य नहीं है कि किसानों के प्रदर्शन से जुड़ा 'टूलकिट' 26 जनवरी को हुई हिंसा के लिए जिम्मेदार है। इसके बाद अदालत ने उसकी जमानत याचिका पर अपना आदेश मंगलवार के लिए सुरक्षित रख लिया था।

दिशा ने अपने वकील के जरिये अदालत से कहा था कि यदि किसानों के प्रदर्शन को वैश्विक स्तर पर उठाना राजद्रोह है, तो मैं जेल में ही ठीक हूं। दिल्ली पुलिस द्वारा दिशा की जमानत याचिका का विरोध किए जाने के बाद दिशा के वकील ने यह दलील दी।

दिशा रवि किसानों के आंदोलन के समर्थन को लेकर तैयार की गई टूलकिट गूगल डॉक्यूमेंट की जांच के मामले में मंगलवार को दिल्ली पुलिस के साइबर सेल के कार्यालय पहुंची जहां उनसे निकिता और शांतनु को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ हुई।

दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को रवि को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया था। पुलिस ने कहा था कि दिशा का मामले में अन्य आरोपियों निकिता जैकब और शांतनु मुलुक के साथ आमना-सामना कराना है।

जैकब और मुलुक सोमवार को जांच में शामिल हुए थे। द्वारका में दिल्ली पुलिस के साइबर प्रकोष्ठ के कार्यालय में उनसे पूछताछ की गई। पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग द्वारा साझा किए गए टूलकिट गूगल डॉक्यूमेंट की जांच के मामले में दिल्ली पुलिस ने बेंगलुरु की कार्यकर्ता दिशा रवि को गिरफ्तार किया था जबकि जैकब और मुलुक को अदालत ने अग्रिम जमानत दे दी थी।

पुलिस ने आरोप लगाया था कि कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन के नाम पर भारत में हिंसा और अशांति फैलाने की साजिश के तहत यह टूलकिट तैयार की गई। केंद्र के तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से किसान दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी बीच शांतनु मुलुक ने दिल्ली की अदालत में अपनी जमानत याचिका दायर की है, जिस पर 24 फरवरी को सुनवाई होगी।