विश्व आर्थिक सम्मेलन: पीएम मोदी बोले- कहा जा रहा था भारत में आएगी कोरोना की सुनामी, 20 लाख लोग मरेंगे; भारत ने सबसे ज्यादा जानें बचाईं

 28 Jan 2021 06:40 PM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को विश्व आर्थिक मंच के डावोस एजेंडा  को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी में भारत ने सबसे ज्यादा जानें बचाईं। कहा जा रहा था कि भारत में कोरोना की सुनामी आएगी, 20 लाख लोग मरेंगे। उन्होंने कहा कि भारत ने दुनियाभर में दवाइयां भेजीं। पीएम ने कहा कि भारत ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई को जन आंदोलन में बदल दिया। उन्होंने कहा कि भारत में कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों की संख्या सबसे ज्यादा है। भारत आत्मनिर्भर भारत के संकल्प की ओर बढ़ रहा है। 

 

पीएम ने कहा, 'आशंकाओं के बीच मैं आपने सामने आत्मविश्वास, सकारात्मकता और दुनिया के लिए उम्मीद के साथ 130 करोड़ से अधिक भारतीयों का संदेश लेकर आया हूं। पीएम ने कहा कि कोविड केंद्रित स्वास्थ्य ढांचे को विकसित करने, मानव संसाधन को प्रशिक्षित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। जांच और निगरानी के लिए टेक्नॉलजी का का पूरा इस्तेमाल हुआ।

पीएम ने कहा कि अभी तो दो मेड इन इंडिया वैक्सीन उपलब्ध हैं। विश्व आर्थिक मंच को यह जानकर राहत मिलेगी कि आने वाले समय में भारत से और टीके आएंगे।  'कोवैक्सीन' का निर्माण भारत बायोटेक ने किया है। वहीं, आॅक्सफोर्ड की वैक्सीन 'कोविशील्ड' का निर्माण भारत के सीरम संस्थान ने किया है।

उन्होंने कहा कि 'सर्वे संतु निरामया' यानी पूरा संसार स्वस्थ रहे, इस हजारों वर्ष पुरानी परंपरा पर चलते हुए भारत ने इस कठिन समय में अपनी वैश्विक जिम्मेदारी का निर्वहन किया है। जब कई देशों में हवाई क्षेत्र बंद थे, भारत ने एक लाख से ज्यादा लोगों को उनके देशों तक पहुंचाया और 150 से अधिक देशों में आवश्यक दवाएं पहुंचाईं।

पीएम ने कहा कि भारत कोविड-19 महामारी के खिलाफ वैक्सीन भेजकर और टीकाकरण के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे का विकास करके भारत कई देशों के लोगों की जान बचा रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के खिलाफ जंग में भारत का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।

पीएम ने कहा कि हमारा आत्मनिर्भर भारत अभियान दुनिया की भलाई और वैश्विक सप्लाई चेन को लेकर प्रतिद्ध है। उन्होंने कहा कि वैश्विक सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए भारत के पास क्षमताएं हैं, योग्यता है और विश्वसनीयता है। भारत ने अपनी अर्थव्यवस्था की क्षमताओं को बढ़ाने के संकल्प के साथ इसकी शुरुआत की थी।

उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भारत ने एक के बाद एक कई सुधार किए हैं, जिनका लंबे समय से इंतजार था। सरकार ने उत्पादन बढ़ाने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। हमने नई उत्पादन इकाइयों के लिए कॉरपोरेट टैक्स घटाकर 15 फीसदी कर दिया है, जीएसटी दरें घटाई हैं, कर व्यवस्था आसान की है।