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महाकाल मंदिर में नरकंकाल और हडि्डयां मिले; पुजारी बोले- साधु-संतों की समाधि होती थीं, ये उनकी भी हो सकती हैं

 22 Jul 2021 04:55 PM

उज्जैन। महाकाल मंदिर में अब खुदाई के दौरान नरकंकाल और हडि्डयां मिली हैं। यहां मंदिर के विस्तारीकरण के लिए खुदाई का काम चल रहा है। भोपाल पुरातत्व विभाग की टीम काम पर नजर बनाए है। हालांकि, जानकारों का मानना है कि संभवत: ये मुगलकाल के भी हो सकते हैं। फिर भी इसकी जांच करानी चाहिए। मंदिर के मुख्य पुजारी महेश का कहना है कि अग्र भाग में साधु-संत रहते थे। उस दौरान संतों की समाधि होती थी। संभावना है कि उनकी भी हडि्डयां हो सकती हैं। यह कोई नई बात नहीं है। 

दरअसल, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत महाकाल मंदिर का विस्तारीकरण किया जा रहा है। मई माह से खुदाई की शुरुआत हुई थी। पहले छोटी-छोटी मूर्तियां और कुछ दीवारें मिलीं। पता चला कि ये मूर्तियां प्राचीन हैं तो कलेक्टर ने भोपाल पुरातत्व विभाग की टीम को बुलवाया। उन्हीं की देखरेख में खुदाई करवाई गई। धीरे-धीरे खुदाई में परमार कालीन समय में बनवाई गई अलग-अलग मूर्तियां और करीब एक हजार साल पुराना मंदिर का ढांचा मिला। 

खुदाई कर रहे रिसर्चर डॉ. गोविंद सिंह बताते हैं कि खुदाई के दौरान नरकंकाल और हड्डियां निकल रही हैं। इनका अलग से परीक्षण किया जाना चाहिए, लेकिन खुदाई में मानव हड्डी और जानवरों की हड्डी निकलना सामान्य है। माना जा रहा है कि जब एक हजार साल पुराना मंदिर का ढांचा निकला है। उस समय कि पुरातत्व धरोहरों से पता चलता है कि मुगलों द्वारा जब मंदिरों पर हमला कर लूटपाट की गई थी, उसके प्रमाण इन मंदिरों पर मिल रहे हैं तो उस समय मुगलों ने नरसंहार भी किए थे। यह प्राचीन नरकंकाल और मानव हड्डियां उन नरसंहारों का प्रमाण तो नहीं, इसका प्रमाण भी जांच के बाद ही पता चलेगा।