शमशान में पिता का चेहरा देखने की जिद की तो निकला महिला का शव

 22 Apr 2021 09:32 PM

शिवपुरी। कोविड वार्ड में परिजनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा है, सिर्फ खबर मिलती है कि आपका अपना इस दुनिया में नहीं रहा है। पीपीई किट में शव को पैक कर दिया जाता है। नपा का अमला शमशान पहुंचता है, जहां परिजनों को सिर्फ औपचारिकता निभाने के लिए मौजूद रहने की हिदायत रहती है, परंतु शिवपुरी में गुरुवार को लाश के चेहरे बदलने का मामला सामने आया है। 
 शहर के पुरानी शिवपुरी क्षेत्र में रहने वाले हरिओम चौकसे ने कोरोना से लड़ते हुए अस्पताल में दम तोड़ दिया। शव को नियमानुसार पीपीई किट में पैक कर सरकारी शव वाहन से शमशान ले जाया गया। मृतक के परिजन भी वहां पहुंच गए। वहां अंतिम संस्कार से पहले बेटे और परिजनों ने आग्रह किया कि कम से कम आखिरी बार पिता का चेहरा तो दिखवा दो। काफी जद्दोजहद के बाद चेहरा खोला तो सबकी आंखें फटी की फटी रह गईं, क्योंकि शव उनके पिता का नहीं, बल्कि किसी महिला का था। अंतत: शव वाहन वापस अस्पताल लौटा और हरिओम के शव को लेकर शमशान पहुंचा। 
एक दिन लेट लगा इंजेक्शन, बिगड़ी हालात :
मृतक के परिजन ने पीपुल्स समाचार को बताया कि हरिओम चौकसे संक्रमण के कारण अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती थे। रिकमंडेशन के बावजूद उन्हें रेमडेसिविर इंजेक्शन के लिए एक दिन इंतजार करना पड़ा और उनकी हालत बिगड़ने से आखिरकार उनकी मौत हो गई। वार्ड में प्रवेश प्रतिबंधित होने के कारण परिजनों को सिर्फ सूचना दी गई कि हरिओम नहीं रहे।