हनीट्रैप मामले में मास्टरमाइंड आरती दयाल की सहयोगी रूपा अहिरवार छतरपुर से गिरफ्तार, 2 साल से फरार चल रही थी

 07 Apr 2021 05:13 PM

छतरपुर। मध्य प्रदेश के चर्चित हनीट्रैप मामले में मास्टरमाइंड आरती दयाल की सहयोगी रूपा अहिरवार को एसटीएफ ने छतरपुर से गिरफ्तार कर लिया है। इंदौर एसटीएफ की टीम ने मंगलवार को छतरपुर जिले के पनोठा गांव में छापा मारा और रूपा अहिरवार को गिरफ्तार किया। रूपा पिछले 2 साल से फरार थी। उसे पकड़ने के लिए कई टीमें लगातार कोशिश कर रही थी। रूपा ही वीडियो बनाने में आरती की मदद करती थी। पुलिस ने जब आरती को गिरफ्तार किया तब पूछताछ के दौरान रूपा का नाम सामने आया था। एक होटल के कमरे में रूपा और आरती साथ रुकी थी।

एसटीएफ ने रूपा के छोटे भाई अजय को भी गिरफ्तार किया है। रूपा के घर से तीन जिंदा कारतूस, एक देसी कट्टा और कई दस्तावेज जब्त किए गए हैं। एसटीएफ की टीम आरोपी रूपा के इंतजार में घर के बाहर करीब दो घंटे तक बैठी रही। घर में आरोपी रूपा के माता-पिता और भाई मिले। रूपा घर में नहीं थी। इस पर टीम ने आरोपी के माता-पिता पर दबाव बनाया और रूपा को बुलाने के लिए कहा। इस पर पिता ने रूपा को फोन लगाकर घर बुलाया। आरोपी रूपा जैसे ही घर पहुंची, टीम ने घेराबंदी कर पकड़ लिया। रूपा 2019 से ही फरार चल रही थी। हनीट्रैप मामले के लगभग सभी मुख्य आरोपी अब गिरफ्तार हो चुके हैं लेकिन रूपा बार-बार एसटीएफ को चकमा देती रही। 

जानिए रूपा अहिरवार के बारे में..
रूपा अहिरवार छतरपुर जिले के नोखा गांव की रहने वाली है। 2017 में वह पढ़ाई करने के लिए भोपाल गई थी। उसकी मुलाकात आरती दयाल से हुई। आरती ने उसे अपने साथ रखा और नौकरी देने का वादा किया। रूपा की मां का कहना है कि वह अक्सर घर में आरती दयाल का जिक्र करती थी। यह भी बताया था कि आरती की भोपाल में कई फैक्ट्रियां हैं। रूपा ने घरवालों को बताया था कि आरती ने उसे फैक्ट्री में नौकरी देने का वादा किया है। मां का कहना है कि उनकी बेटी बेकसूर है, उसे आरती दयाल ने फंसाया है। रूपा की शादी 2012 में  इटारसी में हुई थी लेकिन कुछ दिनों बाद ही उसका तलाक हो गया। इसके बाद वह वापस गांव आ गई। कुछ दिनों बाद उसने भोपाल जाकर फिर से पढ़ाई करने की इच्छा जताई।