ग्रामीणों ने छात्रावास को ही बना दिया ऑक्सीजन युक्त 30 बिस्तरों का कोविड अस्पताल

 29 Apr 2021 09:18 PM

बालाघाट। कोरोना महामारी के चलते अस्पतालों में मरीजों को ऑक्सीजन तो दूर बेड भी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। ऐसे में लालबर्रा के ग्रामीणों ने आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश करते हुए बिना किसी सरकारी मदद के गांव में ही कोविड-19 सेंटर बना डाला। प्राप्त जानकारी के अनुसार, लालबर्रा के एक कारोबारी की बेटी को बालाघाट में उचित इलाज नहीं मिला। तो, गांव के डॉक्टर अरुण लांगे की पहल पर ग्रामीणों ने गांव के सरकारी छात्रावास को कोविड केयर सेंटर में तब्दील कर दिया। 
 

खरीद लीं 30 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीनें :
गौरतलब है कि, 30 बिस्तर वाले इस सेंटर पर अब तक कोई मौत नहीं हुई है। 10 हजार की आबादी वाले इस गांव में कोरोना संक्रमण रोकने के लिए ग्रामीण एकजुट हो गए हैं। लालबर्रा के इस कोविड-19 सेंटर में प्रतिदिन दो बार सरकारी डॉक्टर आते हैं और भर्ती लगभग 20 से ज्यादा मरीजों का उपचार करके चले जाते हैं। ग्रामीणों ने मरीजों को ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए पूरे गांव से चंदा एकत्र कर 30 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीनें खरीद लीं। इससे अब गांव में ही मरीजों को सुगमता से उपचार मिल रहा है। ग्रामीण यहां भर्ती मरीजों के भोजन और नाश्ते की भी व्यवस्था कर रहे हैं। उनके जुनून को देखकर विधायक गौरीशंकर बिसेन ने भी ग्रामीणों की मदद करते हुए अपनी तरफ से पांच ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीनें दी हैं।
 

जिला चिकित्सालय में ऑक्सीजन संयंत्र का कार्य शुरू :
वहीं जिला चिकित्सालय बालाघाट में ऑक्सीजन संयंत्र का निर्माण कार्य प्रारंभ हो गया है। लगभग 1.50 करोड़ की लागत से बनने वाले इस संयंत्र का कार्य एक सप्ताह में पूर्ण होने का अनुमान है। इस संयंत्र के प्रारंभ होने पर इससे प्रति मिनट 600 लीटर द्रवीकृत ऑक्सीजन मिलने लगेगी। लोक निर्माण विभाग पीआईयू के अनुविभागीय अधिकारी एसपी पनका ने बताया कि ऑक्सीजन संयंत्र के लिए सिविल एवं इलेक्ट्रिकल कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।