मकर संक्रांति आज: यहां जानिए स्नान, दान का महत्व

 14 Jan 2021 03:52 PM

आज मकर संक्रांति है। इस दिन सूर्य धनु राशि को छोड़कर मकर राशि में प्रवेश करते हैं। आपको जान कर हैरानी होगी की पूरे साल में 12  संक्रान्तियां होती हैं, लेकिन इनमें से चार संक्रांति मेष, कर्क, तुला और मकर संक्रांति बहुत महत्वपूर्ण मानी गईं हैं। सूर्य का मकर रेखा से उत्तरी कर्क रेखा की ओर जाना उत्तरायण तथा कर्क रेखा से दक्षिणी मकर रेखा की ओर जाना दक्षिणायण कहलाता है। 

दोष होते हैं दूर
इस दिन सूर्यदेव अपने पुत्र शनि से मिलने स्वयं उनके घर जाते हैं। चूँकि शनिदेव मकर राशि के स्वामी हैं, उसमें सूर्य के प्रवेश मात्र से शनि का प्रभाव क्षीण हो जाता है क्योंकि सूर्य के प्रकाश के सामने कोई नहीं रुक सकता। मकर संक्रांति पर सूर्य -शनि की साधना और इनसे सम्बंधित दान करने से सारे शनिजनित दोष दूर हो जाते हैं।

स्नान, दान का मिलता है फल
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, उत्तरायण या दक्षिणायण शुरू होने के दिन किए गए पुण्य अक्षय होता है। इस दिन सूर्योदय से पहले स्नान करना बहुत शुभ माना जाता है। इससे दस हजार गौदान का फल प्राप्त होता है। ऊनी कपड़े, कम्बल, तिल और गुड़ से बने व्यंजन व खिचड़ी दान करने से सूर्य नारायण एवं शनि की कृपा प्राप्त होती है। खास बात यह है की इसके बारे में रामचरितमानस में भी लिखा गया है।  
श्री तुलसीदास जी लिखते हैं की ''माघ मास में जब सूर्य मकर राशि में आते हैं तब सब लोग तीर्थों के राजा प्रयाग के पावन संगम तट पर आते हैं देवता, दैत्य ,किन्नर और मनुष्यों के समूह सब आदरपूर्वक त्रिवेणी में स्नान करते हैं ''। वैसे तो प्राणी इस माह में किसी भी तीर्थ, नदी और समुद्र में स्नान कर दान -पुण्य करके कष्टों से मुक्ति पा सकता है लेकिन प्रयागराज संगम में स्नान का फल मोक्ष देने वाला है।