होली को वास्तु के नियमों के अनुसार खेलें और पाएं जीवन में सतरंगी खुशियां

 23 Mar 2021 03:16 PM
उज्जैन। रंगों का त्योहार होली अगर वास्तु शास्त्र के नियमों के अनुसार मनाया जाए तो हमारे जीवन को खुशियों से भर सकता है। दोस्तों और रिश्तेदारों से नए मधुर संबंध शुरू हो सकते हैं। तो, जानते  हैं कि क्या करें ताकि होली के जीवन सतरंगी हो सके...
- भाग्य प्रबल करना हो तो होली पर घर में आने वाले सभी मेहमानों को कुछ ना कुछ जरूर  खिलाकर वापस भेजें।  
- होली के दिन हनुमान जी को चोला चढ़ाएं। शाम के समय हनुमान जी को केवड़े का इत्र एवं गुलाब की माला अर्पित करें। 
- होली का रंग सबसे पहले अपने इष्टदेव और पितृगणों को लगाएं। 
- घर के दरवाजे को अशोक की पत्तियों से बने तोरण से सजाएं। 
- होली के दिन अपने घर के मुख्य द्वार पर गुलाल अवश्य छिड़कें। 
- अपने घर या प्रतिष्ठान की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। 
- घर के मुख्य द्वार पर भगवान श्रीगणेश की मूर्ति लगाएं 
- घर की पूर्व दिशा में उगते हुए सूरज का चित्र लगाएं। घर की दक्षिण दिशा में दौड़ते हुए घोड़ों का चित्र लगाएं। 
- होली के अवसर पर घर में श्रीयंत्र लाएं और इसे अपने घर या दुकान में स्थापित करें। 
- अपने घर के मुख्य द्वार पर द्विमुखी दीपक जलाएं। 
- होली पर श्रीराधा-कृष्ण की सुंदर तस्वीर लाकर घर के मुख्य द्वार पर लकड़ी की चौकी पर पीले रंग का कपड़ा बिछाकर रखें। 
- होली खेलने से पहले गुलाबी रंग का गुलाल लेकर सबसे पहले राधा-कृष्ण को अर्पित करें। 
- गुलाल के पैकेट में चांदी का सिक्का रखें, फिर उसे लाल कपड़े में रखकर कलावे से बांध दें। इससे धन लाभ होगा और रुका हुआ धन भी प्राप्त हो सकेगा। 
- अगर घर में लगी ध्वजा पुरानी हो गई है या उसका रंग फीका हो गया है तो होली पर इस ध्वजा को बदल दें।
- होलिका की राख को घर के चारों ओर छिड़कने से घर में नकारात्मक शक्तियों का प्रवेश नहीं होता है।  
-  होली पर किसी विरोधी द्वारा दी गई, लौंग या इलायची नहीं खाएं। 
- होली पर काले रंग का प्रयोग न करें। होली के दिन गहरे रंग के कपड़े न पहनें। 
- सफेद रंग सबसे अच्छा माना जाता है। यह रंग चंद्रमा का प्रतीक है और विन्रमता दशार्ता है।