12 फरवरी से शुरू होगी गुप्त नवरात्रि, 10 महाविद्याओं की होगी आराधना

 09 Feb 2021 08:36 PM

जबलपुर। 12 फरवरी से गुप्त नवरात्रि का प्रारंभ होने जा रहा है। हिन्दू कैलेंडर में एक साल में 4 नवरात्रि होती हैं। इनमें चैत्र और आश्विन महीने में प्रकट नवरात्रि आती हैं,वहीं माघ और अषाढ़ महीने में आने वाली नवरात्रि को गुप्त नवरात्रि माना जाता है। इसमें भी भगवती की आराधना की जाती है। मंदिरों और संतों में इसका बहुत महत्व माना जाता है।

माघ की नवरात्रि 12 फरवरी को प्रारंभ होकर 21 फरवरी को पूर्ण होगी।  इस तरह 10 दिन गुप्त नवरात्रि के होंगे। नवरात्रि के साथ ही ऋतु परिवर्तन भी होगा। साथ ही साधना और पूजा-पाठ के लिए ग्रहों की विशेष स्थिति बन रही है,जिसका इसका शुभ फल कई गुना बढ़ जाएगा। गुप्त साधना कर सिद्धि पाने वालों के लिए मान्य है। षष्टी तिथि दो दिन होने के कारण नवरात्रि 10 दिन की है। इस दौरान सभी दसों महाविद्याओं की साधना इस नवरात्रि में की जाएगी।

करें दान और स्नान
ब्रम्हचारी चैतन्यानंद बताते हैं कि 12 फरवरी को सूर्य मकर से कुंभ राशि में प्रवेश करेगा। इस दिन कुंभ संक्रांति पर्व मनाया जाएगा। कुंभ संक्रांति के साथ ही गुप्त नवरात्रि की शुरूआत हो रही है। माघ महीने में आने वाली यह नवरात्रि पंचांग की चार नवरात्रियों में से अंतिम होती है। इस बार ग्रह-नक्षत्रों का विशेष संयोग बनने से  ये गुप्त नवरात्रि खास हो गई है। कुंभ संक्रांति पर्व पर स्नान-दान,पूजा-पाठ और जप का बहुत महत्व है। इस दिन नवरात्रि का संयोग बनने से किए गए दान और स्नानका पुण्य कई जन्मों तक मिलता है।

कब किस देवी का पूजन
12 फरवरी -शैलपुत्री
13 फरवरी- मां ब्रम्हचारिणी
14 फरवरी-मां चंद्रघंटा
15 फरवरी- मां कूष्मांडा
16 फरवरी- मां स्कंदमाता
17 फरवरी-मां कात्यायनी
19 फरवरी- मां कालरात्रि
20 फरवरी- मां महागौरी
21 फरवरी- मां सिद्धिदात्री