सोमवती अमावस्या: कुंभ मेले का दूसरा शाही स्नान आज, यहां पढ़ें इसका महत्व

 12 Apr 2021 12:50 PM

हरिद्वार। 12 साल में एक बार आने वाले कुंभ मेले का बहुत अधिक धार्मिक महत्व है। इस मेले में शाही स्नान से कई धार्मिक और स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं। शाही स्नान के लिए गंगा के तट पर भक्त लगातार पहुंच रहे हैं। मेले में  ललाट पर त्रिपुंड, शरीर में भस्म लगाए नागा साधुओं का हठ योग हो, साधना, विद्वानों के प्रवचन, अखांड़ों के लंगर, जैसी कई चीजें देखने को मिल रही हैं। आज यानी 12 अप्रैल को कुंभ मेले का दूसरा शाही स्नान है। इससे पहले 11 मार्च महाशिवरात्रि को कुंभ मेले का पहला शाही स्नान था। इसके बाद 14 अप्रैल को तीसरा शाही स्नान और 27 अप्रैल को चौथा शाही स्नान होगा। 

शाही स्नान का महत्व

  • हिंदू धर्म में कुंभ स्नान का बहुत अधिक महत्व होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शाही स्नान के दिन गंगा जी में स्नान करने से सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है। 
  • कुंभ शाही स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। 
  • कुंभ शाही स्नान करने से पितृ दोष दूर हो जाते हैं।
  • कुंभ मेले में किसी भी दिन स्नान करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है, लेकिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शाही स्नान करने से अमरत्व की प्राप्ति होती  है।
  • शाही स्नान के दिन अलग-अलग अखाडों के साधु भी स्नान करने आते हैं।