साल का आखिरी सूर्य ग्रहण आज; जानें सूतककाल, प्रभाव और महत्व के बारे में

 14 Dec 2020 02:34 PM

साल 2020 का आखिरी सूर्य ग्रहण आज यानी 14 दिसंबर को लग रहा है। यह सूर्य ग्रहण अगहन मास की सोमवती अमावस्या के दिन वृश्चिक राशि और ज्येष्ठा नक्षत्र में लग रहा है। ज्योतिष विद्वानों के अनुसार, मार्गशीर्ष अमावस्या के दिन लगने वाला सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसलिए भारत में ग्रहण का सूतक काल मान्य नहीं होगा। 
पढ़िए ग्रहण का समय, प्रभाव और महत्व के बारे में 

सूर्य ग्रहण का समय
सूर्य ग्रहण भारतीय समयानुसार 14 दिसंबर को शाम 7 बजकर 3 मिनट से शुरू हो जाएगा और 15 दिसंबर की रात 12 बजकर 23 मिनट पर समाप्त होगा। ज्योतिषीय और धार्मिक दृष्टि से ग्रहण एक अशुभ समयावधि होती है। इसलिए इस दौरान कई चीजों को करना वर्जित माना जाता है।   

सूर्य ग्रहण का प्रभाव
ज्योतिषीय दृष्टि के अनुसार, सूर्य ग्रहण का प्रभाव देश और दुनिया पर बहुत अधिक पड़ता है। कहते हैं कि सूर्य ग्रह सत्ता, सत्ताधारी और घर के मुखिया को सबसे अधिक प्रभावित करता है। इसलिए सूर्य ग्रहण को बहुत प्रभावशाली माना जाता है। विद्वानों का मानना है कि सूर्य ग्रहण का प्रभाव सभी राशियों के जातकों पर शुभ-अशुभ रूप से पड़ता है।

ये राशिवाले रहें सावधान
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, सूर्य ग्रहण अशुभ प्रभाव मेष, कर्क, मिथुन, कन्या, तुला और मकर राशि में पड़ेगा। ऐसी स्थिति में इन राशियों के जातकों को विशेष सावधानी बरतनी होगी। इस दौरान क्रोध और अनैतिक कार्यों को करने से बचें।

कहां दिखाई देगा सूर्य ग्रहण
यह सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा। इस कारण सूर्य ग्रहण का सूतक काल मान्य नहीं होगा। यह ग्रहण दक्षिण अमेरिका, साउथ अफ्रीका अटलांटिक, हिंद महासागर और प्रशांत महासागर के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा।

ग्रहण का महत्व
धार्मिक मान्यता के अनुसार ग्रहण राहु-केतु के कारण लगता है। ग्रहण का बुरा प्रभाव देवी-देवताओं पर न पड़े इसलिए इस दौरान उनकी पूजा-पाठ भी नहीं की जाती है। ज्योतिष में राहु और केतु को छाया ग्रह माना जाता है। अगर किसी की कुंडली में राहु- केतु की स्थिति ठीक न हो तो उसको जीवन में बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इनकी ताकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सूर्य और चंद्रमा भी इसके प्रभाव से नहीं बच पाते हैं।