एक चिट्ठी प्यार की: भारतीय हॉकी कप्तानों ने देशवासियों को लिखा- आपका सपोर्ट हमें आगे बढ़ाने की ताकत देता है

 20 Jul 2021 08:34 PM

पीपुल्स ब्यूरो, भोपाल। टोक्यो ओलिंपिक के लिए पहुंचे भारतीय हॉकी खिलाड़ी उत्साह से भरे हैं। भारतीय टीम 24 जुलाई को अपना पहला मैच न्यूजीलैंड के साथ खेलेगी। मुकाबले शुरू होने से पहले भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह और महिला हॉकी टीम की कप्तान रानी रामपाल ने दुनियाभर में भारतीय प्रशंसकों को एक भावनात्मक पत्र लिखा है। पत्र में दोनों कप्तानों ने वादा किया है कि वे इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में भारत को गौरवान्वित करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। मनप्रीत और रानी ने लिखा- ‘ओलिंपिक में अपने देश के लिए प्रतिनिधित्व करना किसी भी खिलाड़ी के करियर का सबसे गर्व करने वाला महत्वपूर्ण क्षण होता है। इस भावना का एक बड़ा हिस्सा इस तथ्य से उत्पन्न होता है कि एथलीट अपने देश के सभी लोगों के साथ इस उत्साहजनक अनुभव को साझा करता है।

हम दोनों ओलंपियन बनने से बहुत पहले वो उत्साही बच्चे थे जो अपने हीरोज को विश्व की सबसे बड़ी प्रतिस्पर्धा में खेलते हुए देखना चाहते थे। अब जब हम यहां पहुंचे हैं, तो हम महसूस करते हैं कि अपने देशवासियों के एक प्रशंसक का सपोर्ट और आशीर्वाद कितना मायने रखता है। यह हमें आगे बढ़ाता है और हमें अपने लक्ष्यों के लिए लड़ने की ताकत देता है।  हम आपसे वादा करते हैं कि आप सभी को गौरवान्वित करने के लिए इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के हर मिनट की कीमत समझेंगे।’ दोनों कप्तानों के पत्र को हॉकी इंडिया ने अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर किया है। 

बायो-बबल में हुई ट्रेनिंग ने टीम के खिलाड़ियों को इतने करीब ला दिया, जितने करीब वे पहले कभी नहीं थे
हॉकी कप्तानों ने लिखा कि ओलंपिक के लिए टोक्यो पहुंचना पूरे दल के लिए भावनात्मक क्षण है, क्योंकि यहां पहुंचने के रास्ते में कई बाधाएं आईं। इन बाधाओं के दौरान हम टीम भावना से मजबूत होकर निकले हैं। उन्होंने लिखा- ‘परिवारों से दूर रहना और बेंगलुरु में भारतीय खेल प्राधिकरण के प्रशिक्षण केंद्र में अधिकांश समय बिताना कठिन था, इसने खिलाड़ियों को और भी करीब ला दिया था। पिछले कुछ महीनों में हमारी टीम ने लंबा समय ग्रुप में बिताया है। यह जीवन जीने की नई परिस्थितियों और सीक्योर बायो बबल में ट्रेनिंग के कारण हो पाया है।  इस दौरान पूरे खिलाड़ी साथ रहे। ऑन फील्ड और ऑफ फील्ड हमारी टीम के सदस्यों को इतना करीब ला दिया जितना पहले कभी नहीं थे।’ 

हम सर्वश्रेष्ठ बन सकें उसके लिए पर्दे के पीछे कोचिंग स्टाफ, सहगोगी बेहद मेहनत करते हैं
‘हॉकी में, जैसे कोई एक खिलाड़ी अपनी टीम के समर्थन के बिना अधूरा है, उसी तरह एक टीम बैकरूम स्टाफ के समर्थन के बिना अधूरी है, जिसने टीम को तैयार किया है। हम कोचिंग स्टाफ और सहयोगी स्टाफ को धन्यवाद देना चाहते हैं जिन्होंने हमें यहां पहुंचने के लिए काबिल बनाया है।  पिच पर हमारे प्रदर्शन का श्रेय इन समर्पित सदस्यों को जाता है जो पर्दे के पीछे अथक परिश्रम करते हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि हम सर्वश्रेष्ठ बन सकें। कुछ समय पहले तक लग रहा था कि शायद ओलिंपिक प्रतिस्पर्धा होगी कि नहीं लेकिन जब हम यहां पहुंच गए तो लगता है कि हम अपने उस सपने से काफी करीब हैं जो हमने पिछले पांच वर्षों से संजो रखा था।’