आईपीएल : मुंबई के खिलाफ पंजाब की टक्कर आज, रोहित की सेना के सामने बेटिंग स्किल चुनौती, इधर राहुल की पलटन को हर हाल में चाहिए जीत

 23 Apr 2021 12:49 PM

चेन्नई। इंडियन प्रीमियर लीग में आज मुंबई के खिलाफ पंजाब के खिलाड़ी जीत के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाने के लिए तैयार है। पंजाब की पलटन जीत की भूखी है और उसे किसी भी हालत में जीत चाहिए वहीं, मुंबई की सेना को इस वक्त अपनी बेटिंग स्किल्स को सुधारने का मौका मिल रहा है। ऐसे में दोनों टीमें चाहेंगी की जीत उनकी झोली में आए, लेकिन यह तय होगा आज शाम को होने वाले मैच में कौन-किस पर भारी पड़ेगा, उसके बाद। बहरहाल, आईपीएल में शुक्रवार पंजाब किंग्स की टीम जीत की राह पर लौटने के लिए संघर्ष कर रही है तो वहीं, रोहित शर्मा की अगुवाई वाली मुंबई की टीम ने बल्लेबाजों के लचर प्रदर्शन के कारण दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ पिछला मैच गंवा दिया था। वह उस हार को भुलाकर वापसी करना चाहेगी। कप्तान ने खुद अच्छी बल्लेबाजी की लेकिन अन्य बल्लेबाज नहीं चल पाए। मध्यक्रम का नहीं चल पाना टीम के लिए सबसे बड़ी चिंता है।

मुंबई के गेंदबाज अमूमन अच्छा प्रदर्शन करके टीम को जीत दिलाते रहे है, लेकिन दिल्ली के खिलाफ वे ऐसा नहीं कर पाए। वे बल्लेबाजों से बड़े स्कोर की उम्मीद कर रहे हैं जिससे कि उनका काम आसान हो जाए। रोहित दिल्ली के खिलाफ अच्छी लय में दिख रहे थे, लेकिन 2020 के सफल अभियान में अहम भूमिका निभाने वाले सूर्यकुमार यादव और इशान किशन मैच विजेता योगदान नहीं दे पा रहे हैं जिससे मुंबई को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा कीरोन पोलार्ड और पांड्या बंधु हार्दिक और क्रुणाल भी अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं।

इस साल आईपीएल में अभी शुरूआती दौर चल रहा है, लेकिन मुंबई इंडियंस चाहेगा कि उसके खिलाड़ी पंजाब के खिलाफ फॉर्म हासिल करें। पंजाब ने जीत से शुरूआत की थी, लेकिन इसके बाद से उसकी टीम जूझती रही है। बुधवार को सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ वह 120 रन ही बना पाई। केएल राहुल की अगुवाई वाली टीम अभी तक अदद संयोजन स्थापित करने में नाकाम रही है।

पंजाब की बल्लेबाजी मजबूत है, लेकिन राहुल और मयंक अग्रवाल को छोड़कर कोई अन्य बल्लेबाज नहीं चल पा रहा है। उसके गेंदबाज भी अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं। 'यूनिवर्स बॉस' क्रिस गेल का बल्ला कुंद पड़ रखा है जबकि वेस्टइंडीज के उनके साथी निकोलस पूरन भी नहीं चल पा रहे हैं। लगातार तीन हार से पंजाब का मनोबल निश्चित तौर पर गिरा होगा। टीम को अब तुरंत ही इससे उबरना होगा नहीं तो प्लेआॅफ की उम्मीदें धूमिल पड़ती जाएगी।

राहुल ने अब तक चार मैचों में दो अर्धशतक लगाए हैं, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से मदद नहीं मिल रही है। उनकी कप्तानी खिलाड़ियों को प्रेरित नहीं कर पा रही है तथा टीम चयन में उनकी अनुभवहीनता टीम को भारी पड़ रही है। दीपक हुड्डा ने अपनी आलराउंड क्षमता दिखाई है, लेकिन उन्हें अपने प्रदर्शन में निरंतरता लाने की जरूरत है। आॅस्ट्रेलिया के झाय रिचर्डसन और रीले मेरेडिथ ने भी टीम को निराश किया है। पंजाब अब मुरूगन अश्विन की जगह रवि बिश्नोई को अंतिम एकादश में रख सकता है।