मध्य प्रदेश में 12 हजार पुलिसवालों को प्रमोशन का इंतजार, गृह मंत्री ने कहा- एसआई को टीआई और एएसआई को एसआई को प्रभार मिलेगा

 28 Jan 2021 07:00 PM

भोपाल। मध्य प्रदेश पुलिस के करीब 12 हजार पुलिसवालों को सालों से प्रमोशन का इंतजार है। पुलिस मुख्यालय ने आॅनरेरी प्रमोशन का रास्ता निकाल कर प्रस्ताव सरकार को भेजा था, लेकिन यह फाइल पिछले तीन माह से गृह विभाग में अटकी है। गुरुवार को गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि सरकार पुलिस रेगुलेशन 72 में संशोधन करने जा रही है, जिससे कांस्टेबल से लेकर सब इंस्पेक्टर तक को प्रमोशन का लाभ मिलेगा। जल्द ही एसआई को टीआई और एएसआई को एसआई को प्रभार मिलेगा। दरअसल, पुलिस विभाग को थानों में प्रभारियों से लेकर जांच करने वाले अधिकारियों की कमी से जूझना पड़ रहा है। प्रमोशन इसलिए नहीं हो पा रहे हैं, क्योंकि इसमें आरक्षण का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।

गृह मंत्री ने कहा कि पहले एएसआई को एसआई का प्रभार दिया जाता था। लेकिन पुलिस रेगुलेशन में संशोधन के बाद अब कांस्टेबल को हेड कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल को सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) का प्रभार दिया जा सकेगा। इसी तरह सब इंस्पेक्टर को टीआई का प्रभार दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पुलिस रेगुलेशन में संशोधन की प्रक्रिया मार्च माह तक पूरी हो जाएगी। गृह मंत्री ने कहा- कोरोनाकाल में जान जोखिम में डाल कर डयूटी करने वाले पुलिसकर्मियों को कोरोना मैडल दिए जाने का निर्णय भी लिया गया है। मार्च माह में पुलिस जवानों को पुरस्कृत किया जाएगा।

प्रदेश में 12810 पद खाली
प्रदेश में हेड कांस्टेबल, एएसआई, सब इंस्पेक्टर, इंस्पेक्टर और डीएसपी रैंक के 12,810 पद खाली हैं। इन रिक्त पदों को आॅनरेरी प्रमोशन से भरा जा सकता है, ताकि इन सभी से संबंधित पदों के अनुसार लंबित केसों की जांच करवाई जा सके। दूसरी सुरक्षा एजेंसी में पुलिस अधिकारी कर्मचारियों के काम के मापदंड को देखकर आॅनरेरी प्रमोशन दिया जाता है। शिवराज सरकार ने हर साल पांच-पांच हजार जवानों की भर्ती का लक्ष्य रखा था, लेकिन 2018 में सरकार बदलने के बाद भर्ती प्रक्रिया पर विचार नहीं किया गया।

पदोन्नति में आरक्षण पर रोक, सुप्रीम कोर्ट में मामला
मई 2016 में पदोन्नति में आरक्षण का नियम खत्म कर देने से प्रमोशन पर रोक लग गई थी। यह मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। बीते दो साल में मध्य प्रदेश पुलिस के करीब 2 हजार पुलिसकर्मी बिना प्रमोशन के ही रिटायर हो चुके हैं। आगे भी ये संख्या बढ़ेगी। फिलहाल, पुलिस में 93 हजार से ज्यादा पुलिस बल और 26 हजार से ज्यादा एसएएफ के जवान हैं। इस तरह प्रदेश में करीब 1 लाख 20 हजार पुलिसकर्मी है। इनमें से सैकड़ों जवान और पुलिस अधिकारी हर साल सेवानिवृत्त भी होते हैं।