एक्सक्लूसिव: कोरोना वैक्सीन का पहला ट्रायल कराने वाले शिक्षक बोले- जब तक परीक्षण नहीं होगा गुणवत्ता की जांच कैसे होगी, पढ़ें पूरा इंटरव्यू

 27 Nov 2020 07:29 PM

पटेल नगर में रहने वाले टीचर को पहली वैक्सीन दोपहर पौने तीन बजे लगाई गई, पीपुल्स समाचार से मिली थी ट्रायल की सूचना

भोपाल। मध्यप्रदेश में पहली कोरोना वैक्सीन के तीसरे फेज की ट्रायल आज पीपुल्स हॉपिटल में शुरू हुआ। पटेल नगर में रहने वाले एक टीचर को पहली वैक्सीन दोपहर पौने तीन बजे लगाई गई। पहले दिन 100 लोगों को वैक्सीन देने का लक्ष्य है। हालांकि, अस्पताल प्रशासन को करीब 50 लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। वॉलेंटियर्स के पहुंचने का सिलसिला जारी है। बागसेवनिया, कल्पना नगर, भवानी नगर, चूना भट्टी, होशंगाबाद रोड, सबरी नगर खेड़ी खेड़ी भानपुर से लोग पहुंचे हैं।
जिस टीचर को पहली वैक्सीन लगी है, उन्होंने पीपुल्स समाचार से बातचीत भी की। उन्होंने बताया कि पीपुल्स समाचार से वैक्सीन के ट्रायल के बारे में जानकारी मिली थी। इसके बाद मैंने निर्णय लिया कि मैं वैक्सीन का पहला ट्रायल करवाऊंगा। जब तक परीक्षण नहीं होगा गुणवत्ता की जांच कैसे होगी। पढ़ें टीचर का पूरा इंटरव्यू...

प्रश्न- कोरोना वैक्सीन के बारे में आपको जानकारी कैसे मिली
उत्तर- मुझे मोबाइल के माध्यम से इसकी जानकारी प्राप्त हुई थी। इसके अलावा पीपुल्स समाचार में भी दिया गया था कि कुछ जिलों के लिए वैक्सीन तैयार हो रही है और ट्रायल के लिए भेज दी गई है। मेरा घर पीपुल्स हॉस्पिटल के पास में है तो यहां पर बड़े-बड़े बोर्ड भी लगे हैं। आज सुबह जब मैं घर से निकला तो यहां पीपुल्स हॉपिटल में मैंने जानकारी ली। पता चला कि यहां पर ट्रायल हो रहा है। मैंने जब डॉक्टरों से पूछा कि कब तक हो जाएगा तो बोले 12 बजे तक हो जाएगा। मैंने तुरंत यहां पर रजिस्ट्रेशन कराया और रजिस्ट्रेशन के बाद प्रक्रिया चालू हो गई। 

प्रश्न- कोवैक्सीन ट्रायल के आप पहले व्यक्ति हैं तो आप कैसा महसूस कर रहे हैं
उत्तर- मैं बहुत कंफर्टेबल महसूस कर रहा हूं। मेरा शरीर पूरी तरह से स्वस्थ है। अभी मुझे कोई परेशानी नहीं है।  

प्रश्न- परिजनों ने आपको इसकी अनुमति दी थी
उत्तर-रात में जब मैं टीवी पर समाचार सुन रहा था तो मैंने पत्नी को बताया था कि मैं कोरोना वैक्सीन लगवाऊंगा। मुझे पता चला कि पीपुल्स में ट्रायल हो रहा है। मैं सुबह यहां आया और जानकारी ली। 

प्रश्न- आपको परिवार की चिंता नहीं सता रही थी क्या?
उत्तर- मैं कभी निगेटिव नहीं सोचता हूं। कर्तव्य करना चाहिए फल की इच्छा नहीं करना चाहिए। भविष्य किसी ने नहीं देखा। कर्म अच्छे करेंगे तो भविष्य अपने आप सही बनेगा। 

प्रश्न- आपने वैक्सीन लगवाने के बारे में क्या सोचा
उत्तर-  यह तो समाज सेवा है। मान लो यह वैक्सीन सक्सेस हो गई। अगर सभी लोग यही सोचते रहेंगे कि क्या, इसके कोई साइड इफैक्ट तो नहीं हैं, मृत्यू तो नहीं हो जाएगी, तो मानव पर इसका ट्रायल ही नहीं हो पाएगा। इसलिए मैंने सोचा कि मैं ही सबसे पहले वैक्सीन का ट्रायल करवाऊंगा। यह गौरव की बात है कि भोपाल में ही वैक्सीन का ट्रायल हो रहा है।  

प्रश्न- काउंसलिंग में कोई ऐसा सवाल पूछा गया जिससे आपको लगा हो ट्रायल कराना चाहिए या नहीं
उत्तर- काउंसलिंग में मुझे पूरी डिटेल दी गई। इसके फायदे क्या हैं, इसके साइड इफैक्ट क्या हैं, यह ट्रायल क्यों हो रहा है। आप पूरी तरह संतुष्ट हैं या नहीं हैं। अगर आपको कोई समस्या हो तो आप प्रश्न कर सकते हैं। कुछ समझ नहीं आ रहा हो तो आप फिर से पूछ सकते हो। इन सारी चीजों के बाद मैं अपनी सहमति से टेस्ट करवा रहा हूं। 

प्रश्न- जनता को कोई संदेश
उत्तर- मैं कोरोना वॉरियर्स को धन्यवाद देना चाहता हूं कि जो कठिन समय में लोगों का इलाज कर रहे हैं। जनता को भी चाहिए कि वह आगे आकर इस अवसर का लाभ लें ताकि इस बीमारी से निजात मिल सके।

प्रश्न- आप लोगों से क्या अपील करेंगे
उत्तर- अगर किसी भी चीज का परीक्षण नहीं करेंगे तो उसकी गुणवत्ता को कैसे पहचानेंगे। मैं सबको बताऊंगा कि आगे बढ़कर इसके फायदे देखो तो आगे जाकर यह वैक्सीन सभी के काम आ सकती है। 

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