पैसों के विवाद में भाई, भाभी और भतीजी को जिंदा जलाया, खुद भी फांसी लगाई

 26 Nov 2020 07:09 PM

अनूपपुर। यहां एक युवक ने पारिवारिक कलह के चलते बीती रात अपने ही सगे भाई, भाभी और एक भतीजी और भतीजे को जिंदा जला दिया। इसके बाद आरोपी ने खुद भी फांसी लगा ली। इसमें तीन लोगों की मौत हो गई है, जबकि भतीजा शहडोल जिला अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मृतक ओमकार विश्वकर्मा (40) पिता छोटेलाल विश्वकर्मा, कस्तूरिया (35) पति ओमकार विश्वकर्मा, निधि (16) पिता ओमकार विश्वकर्मा हैं। वहीं, आशीष (17) को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आषीश को उसके चाचा ने जलते घर से निकाल कर बचाया।

पैसों को लेकर हुआ था विवाद :
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार गांव में तीन भाई ओमकार, चेतराम और दीपक एक साथ रहते थे। इनमें सबसे छोटा दीपक अपना अलग व्यवसाय करता था। उसे गैरेज खोलने के लिए दोनों भाइयों ने एक साल पहले बैंक से 10 लाख रुपए लोन दिलवाया था। दीपक ने अपना व्यवसाय भी प्रारंभ कर दिया था, लेकिन किश्त समय पर ना जमा करने को लेकर दोनों में विवाद होता रहता था।

रात करीब डेढ़ बजे जब दीपक ने पहले भाई के कमरे में दरवाजे के नीचे से पेट्रोल गिराकर आग लगा दी। फिर भतीजे आशीष के कमरे में भी आग लगाई। आग लगाते वक्त वक खुद भी झुलस गया। चीख-पुकार सुनकर चेतराम और उसका परिवार भी जाग गया। आग देखकर उसने अपने परिवार को बाहर निकाला। भतीजे आशीष के कमरे का दरवाजा खोलकर उसे निकाला। अंदर जाने की कोशिश की, लेकिन आग फैलने के कारण वह अंदर नहीं जा सका। इसके बाद उसने दीपक के कमरे में खिड़की से झांका, तो वह फंदे पर लटका हुआ था।

जलने के बाद कोई बाहर ना भाग पाए, इसलिए बाहर से दरवाजा बंद कर दिया। इसके बाद खुद भी कमरे में जाकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। दीपक ने घर के बाहर खड़ी मोटरसाइकिल को भी आग के हवाले कर दिया। लपटें देख ग्रामीणों ने भी आग बुझाने की कोशिश की लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।  दीवार पर लिखा- हत्या का कारण दीपक के कमरे में दीवार पर कोयले से कुछ शब्द लिखे हैं, जिसे इस हत्याकांड का कारण बताया जा रहा है। दीवार पर लिखा है कि चेतराम के साथ मिलकर जुग्गा उसे घर से भगा रहे थे। तेरा यहां कुछ नहीं है। वे जुआ खेलने का भी आरोप लगा रहे थे।