एमपी में पहला वैक्सीन ट्रायल भोपाल के पीपुल्स अस्पताल में, शिक्षक को लगा पहला डोज, बोले-पीपुल्स समाचार से मिली थी सूचना

 27 Nov 2020 07:19 PM

स्वाइप कर देखें तस्वीरें...

भोपाल। मध्यप्रदेश में पहली बार कोवैक्सीन के तीसरे चरण का ट्रायल हैदराबाद की निजी कंपनी द्वारा भोपाल के पीपुल्स अस्पताल में शुरू हुआ है। राजधानी के पटेल नगर निवासी शिक्षक को टीका लगाया गया। दोपहर 1.45 मिनट पर काउंसलिंग और असेसमेंट की कार्रवाई के बाद वैक्सीनेशन रूम में ले जाया गया है। जिस शिक्षक को टीका लगाया या है, उन्होंने बताया कि मुझे आज पीपुल्स समाचार से जानकारी मिली थी कि पीपुल्स अस्पताल में टीके का ट्रायल हो रहा है। जब तक परीक्षण नहीं होगा गुणवत्ता की जांच कैसे होगी, इसलिए मैं टीका लगवाने आया हूं।

 

पहली बार मिला मौका
कोरोना के खिलाफ दुनियाभर में ट्रायल का दौर है। ऐसे में यह पहला मौका है, जब भोपाल के पीपुल्स अस्पताल को तीसरे चरण के ट्रायल के लिए चुना गया है। इसके अलावा यहां के गांधी मेडिकल कॉलेज में भी ट्रायल की तैयारी हुई, लेकिन अभी वहां डोज नहीं आए हैं।

 

1000 लोगों को लगाया जाएगा टीका
बीते दिनों से इसके लिए वॉलिंटियर्स का रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि लगभग एक हजार करीब लोगों ने अपनी सहमति दे दी है,अब इन लोगों को वैक्सीन का टीका लगाया जाएगा।

100 फीसदी सही आ सकते हैं नतीजे
पीपुल्स मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ अनिल दीक्षित ने बताया कि हमारे यहां को वैक्सीन के डोज पहुंच चुके हैं, भारत बायोटेक के एक प्रतिनिधि आए हुए हैं। हमारी उनसे तैयारियों को लेकर चर्चा हुई है। हम आज यहां ट्रायल कर रहे हैं। भारत बायोटेक कंपनी ने कोरोना वैक्सीन बनाने के लिए आईसीएमआर से मंजूरी ली है। इसके लिए वह जिन वॉलिंटियर्स का चुनाव कर रही है उसके लिए शर्त है कि व्यक्ति कभी भी कोरोनावायरस का शिकार ना हुआ हो। कंपनी की इस पॉलिसी को कुछ विशेषज्ञ ऐसा मान रहे हैं कि इससे वैक्सीन के नतीजे 100 फीसदी सही आ सकते हैं।

पहले दिन 100 लोगों को वैक्सीन देने का लक्ष्य
पहले दिन 100 लोगों को वैक्सीन देने का लक्ष्य है। हालांकि 50 के आसपास लोगों के पहुंचने की उम्मीद अस्पताल प्रशासन को है। वालेंटियर्स पहुंचना शुरू हो गए हैं। बागसेवनिया, कल्पना नगर, भवानी नगर, चूना भट्टी, होशंगाबाद रोड, सबरी नगर खेड़ी खेड़ी भानपुर से लोग पहुंचे हैं। वॉलेंटियर्स को टीके के बाद 750 रुपए भी प्रदान किए जाएंगे। यह प्रोत्साहन राशि के तौर पर होगी। इसके बाद प्रति सप्ताह इनके स्वास्थ्य की निगरानी भी की जाएगी। कुल एक हजार डोज मिले हैं। पहले डोज के बाद 28 दिन बाद दूसरा डोज दिया जाएगा।

गर्भवती महिलाओं को नहीं लगेगा टीका
गर्भवती होने पर महिला को टीका नहीं लगाया जाएगा। अगर आप फैमिली प्लानिंग कर रहे हैं, तो पुरुष को भी टीका नहीं लगेगा। पीपुल्स यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर राजेश कपूर ने बताया हम पूरी तरह तैयार हैं। यह भोपाल के लिए सौभाग्य की बात है। अब तक 10 से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। इनमें एक महिला भी शामिल है।

वैक्सीनेशन के बाद जांचेंगे असर
वैक्सीनेशन के बाद वॉलिंटियर्स की इम्युनिटी की जांच की जाएगी। इस जांच में टीकाकरण के बाद संबंधित व्यक्ति के इम्यून सिस्टम में हुए बदलाव का एनालिसिस किया जाएगा। इसके अलावा प्रत्येक वॉलिंटियर्स का टीकाकरण के बाद एंटीबॉडी टेस्ट एक निश्चित समय अंतराल के बाद किया जाएगा, ताकि संबंधित में वैक्सीन के बाद एंटीबॉडी बनने के लेवल को जांचा जा सके।

गांधी मेडिकल कॉलेज में अगले हफ्ते से शुरू होगा ट्रायल

गांधी मेडिकल कॉलेज में अगले हफ्ते से ट्रायल शुरू होगा। अस्पताल प्रबंधन ने इसके लिए एक नई साइट तैयार की है, इसके दस्तावेज इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च को भेज दिए हैं। लेकिन कॉलेज डीन डॉ. अरुणा कुमार का कहना है कि संस्थान में covaxin के ट्रायल के लिए आईसीएमआर ने साइट पर असहमति जताई थी।

कोरोना वैक्सीन का पहला ट्रायल कराने वाले शिक्षक बोले- जब तक परीक्षण नहीं होगा गुणवत्ता की जांच कैसे होगी, पढ़ें पूरा इंटरव्यू

https://www.peoplessamachar.in/article/statenews/bhopal-peoples-hospital-the-teacher-who-conducted-the-first-trial-of-the-corona-vaccine-said-how/3736