कॉमर्स को छोड़कर साइंस में बढ़ा स्टूडेंट्स का रुझान, आर्ट्स अपनी पुरानी स्थिति में सबसे आगे

 18 Oct 2020 10:07 PM  113

भोपाल। प्रदेश के प्राइवेट और सरकारी कॉलेजों में यूजी-पीजी कोर्स में प्रवेश को लेकर चल रही मूल प्रवेश प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है। वर्तमान में अतिरिक्त राउंड चलाया जा रहा है। इस बार अभी तक हुए एडमिशन की खास बात यह है कि कॉमर्स के प्रति स्टूडेंट्स का रुझान कम हुआ है, जबकि साइंस के प्रति बढ़ा है। यही वजह है कि इस बार आर्ट्स के बाद दूसरे नंबर पर साइंस सब्जेक्ट स्टूडेंट्स की पसंद बन गया है। कॉमर्स तीसरे नंबर पर है।  
अभी तक यूजी-पीजी में लगभग 3.50 लाख एडमिशन हुए हैं। यूजी में 2.90 लाख और पीजी में 60 हजार प्रवेश हुए हैं। इस बार  आर्ट्स के बाद बीएससी के सबसे ज्यादा एडमिशन हुए हैं। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के 1405 कॉलेजों में प्रवेश  की मूल प्रक्रिया बंद हो गई है। अब ‘रुक जाना नहीं’ और ‘सप्लीमेंट्री’ के विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त राउंड चल रहा है।  
क्या कहते हैं शिक्षाविद
बच्चों की चॉइस हमेशा एक सी नहीं रहती, मार्केट के अनुसार बदलती रहती है। कोविड के कारण विद्यार्थी ही नहीं, बल्कि पूरा विश्व साइंस की ओर देख रहा है। बाहर जाने वाले अधिकांश बच्चे साइंस के होते हैं, वह घरों में बंद हैं। वह प्रदेश से बाहर नहीं जा पा रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में कॉमर्स में छात्र बढ़े हैं, तो इस अनुपात से जॉब में कमी आई है। ऐसी स्थिति में एक बार फिर साइंस को अपनाकर विद्यार्थी न केवल नौकरी बल्कि स्वरोजगार कर कॅरियर तलाश रहे हैं।
-राधावल्लभ शर्मा, शिक्षाविद

रिसर्च व मेडिसन ने बढ़ाया साइंस का क्रेज
कोरोना संकट ने सबको बहुत कुछ सिखाया है। इस  कारण स्टूडेंट्स साइंस लेकर रिसर्च, माइक्रोबायोलाजी लेकर मेडिसिन के क्षेत्र में कॅरियर बनाना चाहते हैं। साइंस के अलग-अलग समूहों में बहुत अवसर हैं। यही कारण है कि विद्यार्थियों का रुझान फिर साइंस में बढ़ा है।
-बी.एस. यादव, डायरेक्टर, आईएएस कॉलेज

साइंस का मतलब सिर्फ विज्ञान नहीं
साइंस से केवल रिसर्च या अन्य वैज्ञानिक चीजें ही नहीं है, बल्कि इससे मिलिट्री साइंस जैसी चीजें जुड़ी हैं। इसके साथ ही साइंस में प्रतियोगी परीक्षाओं में अधिक कॅरियर के अवसर हैं। कोराना कॉल में विद्यार्थियों की दिलचस्पी इन सबकी ओर बढ़ी है। कॉलेज में सीटें बढ़ाने के बाद भी स्टूडेंट्स की मांग लगातार बढ़ रही है।