गैंगस्टर विकास दुबे जिन बंदूकों को लेकर कानपुर से भागा था, वो भिंड में मिलीं; दो हथियार तस्कर पकड़े गए

 06 Mar 2021 08:15 PM

भिंड। 8 महीने पहले उत्तर प्रदेश के बिकरू कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे ने वारदात में जिन बंदूकों का इस्तेमाल किया था, उनमें से दो हथियार मध्य प्रदेश के भिंड जिले से बरामद हुए हैं। इसके अलावा, विकास दुबे के मोबाइल भी मिले हैं। यहां भिंड पुलिस ने अभिषेक शर्मा और आकाश कुशवाह नाम के दो हथियार तस्करों को गिरफ्तार किया है। इन दोनों तस्करों के पास हथियारों में अमेरिकन सेमी आॅटोमेटिक राइफल और 12 बोर दोनाली बंदूक मिली है। यह पूरी कार्रवाई भिंड के एसपी मनोज सिंह के निर्देश पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने की है।

पुलिस ने बताया कि भिंड के शास्त्री नगर के बी ब्लॉक में रहने वाले हथियार तस्कर अभिषेक शर्मा और आकाश कुशवाह के पास विकास दुबे के हथियार होने की जानकारी मिली थी, जिसके बाद पुलिस ने दोनों के घरों पर छापा मारकर हथियारों को जब्त किया है।

बताया जा रहा है कि बिकरू कांड में विकास ने इन हथियारों का इस्तेमाल किया था। घटना में विकास के साथ शामिल रहे लोगों ने इन हथियारों को भिंड जिले के इन दोनों तस्करों को बेचा था। फिलहाल, पुलिस ने दोनों से पूछताछ में जुटी है। माना जा रहा है कि दोनों से पूछताछ के दौरान कई अहम सबूत पुलिस के हाथ लग सकते हैं। 

इससे पहले भी भिंड में विकास दुबे के हथियार मिले थे
दरअसल, यह कोई पहला मौका नहीं है जब विकास दुबे के हथियार भिंड जिले से बरामद किए गए हों। पिछले दिनों उत्तरप्रदेश एसटीएफ की तरफ से भिंड जिले की पुलिस को सूचना दी गई थी कि विकास दुबे के हथियार और कारतूस को यहां के एक युवक को बेचे जा रहे हैं, जिनकी डिलीवरी भौंती पनकी पड़ाव चौराहा के पास सर्विस रोड से पहले पड़ने वाले अंडरपास के नीचे होगी। पुलिस ने घेराबंदी करके कुछ हथियार तस्करों को गिरफ्तार किया था, जो विकास दुबे के हथियार खरीदने जा रहे थे। इन तस्करों के पास से पुलिस ने हथियार और कारतूसों का जखीरा बरामद किया था।

क्या है बिकरू कांड 
2 जुलाई 2020 को उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के बिकरू गांव में रहने वाले गैंगस्टर विकास दुबे को पुलिस टीम गिरफ्तार करने पहुंची थी। विकास को पहले से भनक लग गई और वह साथियों समेत पॉजिशन लेकर छतों पर बैठ गया। जैसे ही पुलिस टीम विकास के घर के पास पहुंची। गैंगस्टर और उसके साथियों ने हमला कर दिया था। इस घटना में सीओ देवेंद्र मिश्र समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद विकास दुबे फरार हो गया था। वारदात के सात दिन बाद उसे मध्य प्रदेश के उज्जैन में बाबा महाकाल के मंदिर में पकड़ा गया था। जहां उज्जैन से कानपुर ले जाते वक्त विकास दुबे ने पुलिस की गिरफ्त से भागने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में विकास दुबे मारा गया था।