भोपाल में ग्लैंडर्स की दस्तक, नगर निगम सीमा में घोड़ों की आवाजाही पर रोक; दौड़, खेलकूद, मेला और प्रदर्शनी में शामिल नहीं होंगे घोड़े

 23 Feb 2021 09:24 PM

भोपाल। राजधानी में कोरोना संक्रमण के बीच अश्व (घोड़ा) प्रजाति में होने वाली बीमारी ग्लैंडर्स ने फिर दस्तक दी है। नवबहार सब्जीमंडी एरिया में एक घोड़ा ग्लैंडर पॉजीटिव पाया गया है। इल वजह से नगर निगम प्रशासन ने भोपाल शहर में सीमांतर्गत अश्व प्रजाती के पशुओं की आवाजाही, दौड़, खेलकूद, मेला, प्रदर्शनी एवं इनके इकट्ठा होने पर प्रतिबंध लगा दिया है। इधर, करीब ढाई साल बाद पिछले साल अक्टूबर में शहर में घोड़ों पर लगा प्रतिबंध हटाया गया था। 

राजधानी में तीन साल पहले ग्लैंडर वायरस की पुष्टि होने के बाद से लगातार घोड़ों और अश्व प्रजाति के अन्य पशुओं की निरंतर सैंपलिंग की जा रही है। इसी कड़ी में गरम गड्ढा रोड नवबहार क्षेत्र में मोसिन खान के घोड़े ग्लैंडर्स रोग पॉजीटिव पाए गए। इसके बाद नगर निगम आयुक्त वीएस चौधरी द्वारा जारी आदेश जारी कर शहर में घोड़ों की आवाजाही, पशुओं की दौड़, मेला, प्रदर्शनी, खेलकूद एवं एकत्रीकरण पर प्रतिबंध लगाया गया है। 

मई 2018 को सामने आया था पहला मामला
भोपाल में घोड़ों में ग्लैंडर्स बीमारी भारत सरकार द्वारा अप्रैल 2018 में रिपोर्ट की गई थी। 4 मई 2018 को निगम द्वारा अश्व प्रजाति के पशुओं के आवागमन व दौड़, मेले, प्रदर्शनी, खेलकूद एवं इकट्ठा होने को निगम सीमा से पूरी तरह से प्रतिबंधित किया गया था। पशुपालन विभाग के मुताबिक अप्रैल 2019 से अब तक 15 घोड़ों में ग्लेंडर्स रोग पाजीटिव पाया गया। जिसके बाद अब एक घोड़ा ग्लैंडर्स पॉजीटिव मिला है। पिछले साल अक्टूबर 2020 में घोड़ों पर लगा प्रतिबंध हटाया गया था, जो वापस लगा दिया गया है। 

संपर्क में आने से फैलता है संक्रमण
पशु चिक्तिसकों के मुताबिक ग्लैैंडर्स अति संक्रामक बीमारी है। यह घोड़ों से फैलती है। उनके शरीर पर ठीक न होने वाले घाव समेत इसके कई लक्षण होते हैैं। तीव्र होने पर घोड़े की मौत हो जाती है। यह छूत का रोग की श्रेणी में रखा गया है। संक्रमित घोड़े के संपर्क में आने से यह रोग मनुष्यों, गाय, कुत्ते, बिल्ली, बकरी में भी फैल सकता है।