उज्जैन में शिवराज बोले- इमरजेंसी के वक्त पुलिस मुझे घर से उठा ले गई, ऐसी धुलाई हुई कि आज भी हड्डियां दुखती हैं

 12 Jan 2021 07:26 PM

उज्जैन। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मंगलवार को उज्जैन पहुंचे। यहां उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नवनिर्मित छात्रशक्ति भवन का लोकार्पण किया और अपने पुराने दिनों को याद करके भावुक हो गए। शिवराज ने कहा कि विद्यार्थी परिषद में रहने के दौरान इमरजेंसी के दौर में मुझे पर्चे बांटने और पोस्टर चिपकाने का काम मिला था। रात के 11 बजे पुलिस घर आई और धमकाते हुए कहा कि तू इंदिरा गांधी के खिलाफ आंदोलन चलाएगा। पुलिस ने हबीबगंज थाने में ऐसी धुलाई की कि आज भी सर्दियों में हड्डियां दुखती हैं।

चौहान ने कहा कि आज प्रदेश की सेवा करते हुए कुछ अच्छे काम कर पा रहा हूं तो उसका कारण है कि विद्यार्थी परिषद में रहते हुए मैंने बहुत कुछ सीखा था और आज वो अनुभव काम आ रहा है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने समाज को विभिन्न विषयों को लेकर जागरुक करने समेत अनेक जनहितकारी कार्य किए हैं। मैं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का हृदय से अभिनंदन करता हूं। सभी कार्यकर्ताओं ने सदैव ही अपने सामाजिक दायित्वों का पालन किया है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पापियों से मध्यप्रदेश को मुक्त करना है। बेटियों पर कुदृष्टि डालने वालों और माफियाओं के विरद्ध हम अभियान चला रहे हैं। ये मानवता के दुश्मन हैं, इन्हें नेस्तनाबूद करके ही हम दम लेंगे। प्रदेश की धरती पर कोई गुंडा, बदमाश, माफिया नहीं बचेगा।

इससे पहले मुख्यमंत्री ने स्मार्ट सिटी योजना के तहत महाकाल मंदिर में हुए विकास कार्यों की समीक्षा की। बैटरी चलित ट्राइसिकिल वितरण कार्यक्रम में भी शामिल हुए। शिवराज ने कहा- महाकाल का तीसरा नेत्र खुल गया है। ड्रग माफिया, भूमाफिया, जमीनों पर कब्जा करने वाले, दादागीरी करने वाले, बेटी-बहनों को छेड़ने वाले, चिटफंड कंपनी के नाम पर धोखा देने वाले सावधान हो जाएं। उन्हें तबाह और बर्बाद करके छोड़ेंगे। अपराधी सावधान हो जाएं। कोई नहीं बचेगा। माटी में मिला दूंगा। उन्होंने कहा कि इसीलिए चौथी बार मुख्यमंत्री बना हूं। नहीं तो सोच रहा था, पांच-एक साल के लिए गए, लेकिन सवा साल में ही वनवास खत्म हो गया। अब इसी काम के लिए आए हैं। जनता के कल्याण में कसर नहीं रहेगी।