उज्जैन: महाकाल विकास योजना के लिए 500 करोड़ की मंजूरी;  शिवराज बोले- पैसे की कमी नहीं आने देंगे; योजना का प्रजेंटेशन देखा

 12 Jan 2021 08:03 PM

उज्जैन। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को त्रिवेणी संग्रहालय के ऑडिटोरियम में महाकाल विकास योजना का प्रजेंटेशन देखा। उन्होंने 500 करोड़ लागत के फेज-1 और फेज-2 के निर्माण कार्यों को स्वीकृति प्रदान की और निर्माण कार्यों को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकाल विकास योजना के लिए पैसे की कमी नहीं आने दी जाएगी। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना से विस्थापित होने वाले व्यक्तियों, दुकानदारों, छोटे-मोटे धंधे करने वाले व्यक्तियों का भी विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने  योजना के तहत अन्नक्षेत्र एवं प्रवचन हॉल व धर्मशाला के लिये स्थान चिह्नित करने के लिए पुन: विचार करने के लिये कहा है। उन्होंने  यह भी कहा कि नये प्रवचन हॉल, धर्मशाला आदि का जैसे-जैसे निर्माण कार्य आगे बढ़ता जाए, वैसे-वैसे पुराने निर्माण हटाए जाएं। 

निर्माण कार्यों को अवलोकन
प्रजेंटेशन के बाद त्रिवेणी संग्रहालय की छत पर जाकर रुद्रसागर में किए जा रहे निर्माण कार्यों का अवलोकन किया। कहा- विस्तार से अवलोकन के लिये एक बार फिर आऊंगा। त्रिवेणी संग्रहालय के ऑडिटोरियम में कलेक्टर आशीष सिंह ने महाकाल विकास योजना का प्रजेंटेशन दिया और योजना से संबंधित लगभग आठ मिनिट की वीडियो फिल्म का प्रदर्शन किया गया। प्रजेंटेशन के अवलोकन के समय मुख्यमंत्री के साथ उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव, किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री कमल पटेल, स्कूल शिक्षा एवं सामान्य प्रशासन मंत्री  इंदर सिंह परमार, नवीन और नवकरणीय ऊर्जा, पर्यावरण मंत्री हरदीप सिंह डंग, उज्जैन-आलोट सांसद अनिल फिरोजिया, देवास सांसद महेन्द्र सिंह सिसौदिया, विधायक पारस जैन, बहादुरसिंह चौहान, मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष  माखनसिंह, संभागायुक्त  आनन्द कुमार शर्मा, आईजी राकेश गुप्ता, पुलिस अधीक्षक सत्येन्द्र कुमार शुक्ल, जनअभियान परिषद के उपाध्यक्ष विभाग उपाध्याय, विवेक जोशी, बहादुर सिंह बोरमुंडला, जगदीश अग्रवाल, ओम जैन आदि उपस्थित थे।

100 दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राइसिकिल वितरित की गई
स्वामी विवेकानन्द जयंती के उपलक्ष्य में प्रदेश के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने 100 दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्रायसिकिल वितरित की। सांसद  अनिल फिरोजिया के माध्यम से 35 लाख रुपए से अधिक की सांसद निधि द्वारा दिव्यांगजनों को बैटरीचलित ट्रायसिकिल उपलब्ध कराई गई थी।