देसी सर्च इंजन: दो भारतीयों ने बनाया एड फ्री सर्च इंजन 'नीवा', यूजर्स को देना होगा चार्जेस; जल्द होगा लॉन्च

 25 Jan 2021 01:06 PM

नई दिल्ली। इन दिनों प्राइवेसी की हर जगह चर्चा हो रही है। सर्च इंजन से लेकर मैसेजिंग एप तक सभी यूजर्स का डेटा कलेक्ट कर बेचने में लगे हैं। ऐसे में यूजर्स को अपनी पर्सनल जानकारी की चिंता सता रही है। आप गूगल पर कुछ भी सर्च करते हैं तो उससे संबंधित विज्ञापन आपको फेसबुक, इंस्टाग्राम, यू-ट्यूब आदि पर देखने को मिल जाता है। यानी आपका डेटा अन्य लोगों के साथ शेयर किया जा रहा है। 
इसी समस्या के समाधान के लिए गूगल के विकल्प के तौर पर जल्द ही दो भारतीयों का बनाया एक नया सर्च इंजन मिलने वाला है। आईआईटी के पूर्व छात्र और गूगल के एक्स-एम्पलाई रहे श्रीधर रामास्वामी और विवेक रघुनाथन इस साल एड-फ्री और प्राइवेट सर्च प्रोडक्ट के तौर पर नीवा सर्च इंजन लॉन्च करेंगे। यह एक पेड प्रोडक्ट होगा।

रामास्वामी ने बताया कि अधिक से अधिक लाभ के लिए कंपनिया लगातार एड दिखा रही हैं जबकि यूजर्स ऐसा नहीं चाहते हैं। ऐसे में हमने एक ऐसे सर्च इंजन बनाया है जो केवल यूजर्स की नीड पर केंद्रित है। इस मुद्दे को रामास्वामी अच्छी तरह से समझते हैं, क्योंकि वे गूगल में एड और कॉमर्स के सीनियर वाइस-प्रेसिडेंट रहे हैं।

अपनी ट्रेवल, शॉपिंग और सर्च इंफ्रास्ट्रक्चर टीम भी चलाते हैं। रघुनाथन ने आईआईटी मुंबई में पढ़ाई की और पहले यूट्यूब पर मोनिटाइजेशन के वाइस प्रेसिडेंट थे। इसी तरह, विवेक गूगल असिस्टेंट के पहले टेक लीड थे। विवेक आईआईटी चेन्नई से ग्रेजुएट हैं।

273 करोड़ रुपए का फंड जुटा चुकी है कंपनी
अमेरिका में नीवा की 45 लोगों की टीम है और कंपनी इसे चार-पांच महीने में रोलआउट करने की योजना बना रही है। सबसे पहले इसे अमेरिका में और फिर पश्चिमी यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और भारत में रोल आउट किया जाएगा। रामास्वामी कहते हैं कि हमारे पास इंजीनियरों, डिजाइनरों और प्रोडक्ट मैनेजरों और बैकर्स की एक बड़ी टीम है। ग्रेलॉक, सिकोइया कैपिटल और रामास्वामी ने स्वयं के निवेश से नीवा ने अब तक 273 करोड़ रुपए का फंड जुटाया है।

उन्होंने कहा कि अभी जो प्रोडक्ट लोग इस्तेमाल कर रहे हैं यह उससे काफी अलग है, जो ड्रॉपबॉक्स और ईमेल अकाउंट जैसी सर्विसेस पर पर्सनल डेटा में सर्च और क्वारीज के लिए सिंगल विंडो प्रदान करता है। हमें कोर टेक्नोलॉजी पर दोबारा विचार करना होगा, क्योंकि कुछ स्तर पर, जैसे कि आप कैसे वेब को क्रॉल करते हैं, बेसिक कैसे इंडेक्ट करते हैं जैसी चीजें एक समान हैं। गूगल की तरह नीवा भी सर्च के लिए एआई और मशीन लर्निंग का उपयोग करेगा।

यूजर्स का डेटा पूरी तरह सुरक्षित
पर्सनल डेटा को लेकर रामास्वामी कहते हैं, हम गारंटी देते हैं कि प्रोडक्ट और कंपनी को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि पर्सनल डेटा को सिर्फ बेहतर रिजल्ट दिखने के लिए इंडेक्स किया जाए इसके अलावा किसी काम के लिए नहीं। हमने सिर्फ ग्राहकों के लिए ही एक कंपनी बनाई है। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि यह रेवेन्यू सोर्स कंपनी है। कंपनी का यह भी कहना है कि डेटा को किसी भी रूप में कभी भी बेचा नहीं जाएगा' और सर्च हिस्ट्री को 90 दिनों के बाद डिफॉल्ट रूप से हटा दिया जाएगा। जबकि गूगल 18 महीने बाद डिफॉल्ट रूप से सर्च हिस्ट्री हटाता है।