स्वदेशी मैसेजिंग ऐप की डिमांड के बीच मेड इन इंडिया ऐप हाइक हुआ बंद, 2019 को हुआ था लॉन्च

 19 Jan 2021 01:32 PM

नई दिल्ली। वॉट्सऐप की नई प्राइवेट पॉलिसी आने के बाद से लोगों का इस मैसेजिंग ऐप से मोह भंग होता जा रहा है। इसी बीच मांग उठ रही है कि कोई भारतीय मैसेजिंग एप लॉन्च हो ताकि लोगों की प्राइवेसी सुरक्षित रहे। लेकिन यह मांग सिर्फ एक दिखावे से कम नहीं लग रही है। हकीकत यह है कि लोग भारतीय ऐप का इस्तेमाल करना नहीं चाहते हैं। इसका ताजा प्रमाण हाइक का स्टीकर चैट एप है जो महज दो साल के अंदर बंद हो गया। इसकी पुष्टि एप के को-फाउंडर और सीईओ केविन भारती मित्तल ने ट्वीट करके की है। हाइक स्टीकर चैट एप को हाइक एप के नाम से भी जाना जाता है। 

कुछ दिन पहले ही मित्तल ने अपने ट्वीट में कहा था कि हाइक एप को जनवरी 2021 में बंद कर जाएगा, हालांकि हाइकऔर हाइक की अन्य सेवाएं जारी रहेंगी। शुरुआती दौर पर हाइक को लाखों लोग इस्तेमाल कर रहे थे और औसतन प्रत्येक यूजर एप पर 35 मिनट समय दे रहा था, लेकिन एप कंपनी की उम्मीदों के मुताबिक सफल नहीं हो पाया।

 

भारतीय मैसेजिंग एप हाइक को एप स्टोर से हटा दिया गया है। इसकी लॉन्चिंग में भारत में वॉट्सऐप को टक्कर देने के लिए हुई थी। इसमें जापान के सॉफ्टबैंक ग्रुप ने भी फंडिंग की थी। इसके अलावा चीन के वीचैट आॅपरेटर टेनसेंट होल्डिंग्स ने भी हाइक में पैसे लगाए थे। हाइक एप की शुरुआत भारती एयरटेल के प्रमोटर सुनील भारती मित्तल के बेटे केविन भारती मित्तल ने की थी।

 

कंपनी के एक प्रवक्ता ने बताया कि यूजर्स का डाटा एप में सुरक्षित है। वे चाहें तो डाउनलोड कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि HikeMoji अपने दो नए एप्स Vibe  और Rush के साथ उपलब्ध रहेगा। Rush एक गेम एप है जिसपर आप कैरम और लूडो जैसे गेम ऑनलाइन खेल सकते हैं।

2019 में लॉन्च हुआ था हाइक स्टीकर चैट
हाइक स्टीकर चैट एप को कंपनी हाईक ने अप्रैल 2019 में लॉन्च किया था। हाईक स्टीकर चैट ऐप में 40 भारतीय भाषाओं में 30,000 से अधिक स्टीकर्स थे। दिसंबर 2019 में इस एप के साप्ताहिक एक्टिव यूजर्स की संख्या 20 लाख के पार पहुंच गई थी। हाइक एप को ही हाइक स्टीकर चैट ऐप के नाम से जाना जाता है।