व्हाट्सएप छोड़कर सिग्नल एप को पसंद कर रहे यूजर, सप्ताह भर में 38% डाउनलोडिंग बढ़ी, साइबर एक्सपर्ट्स इसे बता रहे सुरक्षित

 09 Jan 2021 05:08 PM

नई दिल्ली। फेसबुक के स्वामित्व वाले मल्टीमीडिया मैसेजिंग एप व्हाट्सएप ने अपने यूजर्स के सामने कुछ शर्त रखी हैं। यदि यूजर्स ने इन शर्तों को नहीं माना तो उनका अकाउंट डिलीट हो जाएगा। नई शर्तें आठ फरवरी 2021 से लागू हो रही हैं। व्हाट्सएप ने अपने यूजर्स को नई सर्विस शर्तों को लेकर नोटिफिकेशन देना शुरू कर दिया है और यदि कोई यूजर नई शर्तों को एग्री नहीं करता है तो आठ फरवरी के बाद कंपनी उसके अकाउंट को बंद कर देगी। 

इस पॉलिसी के मुताबिक व्हाट्सएप यूजर्स का डाटा फेसबुक, इंस्टाग्राम और पार्टनर कंपनियों के साथ शेयर किया जाएगा। एक्सपर्ट ने व्हाट्सएप की नई पॉलिसी को यूजर्स की निजता का हनन माना है। डैमेज कंट्रोल करने के लिए व्हाट्सएप की तरफ से कहा गया है कि नई पॉलिसी बिजनेस अकाउंट की सहूलियत के लिए है। इससे निजी चैट प्रभावित नहीं होंगे।

व्हाट्सएप की नई पॉलिसी की घोषणा के बाद टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने सिग्नल एप को सुरक्षित बताया है। साथ ही लोगों से एप को इस्तेमाल करने को कहा है। व्हाट्सएप की नई प्राइवेसी से नाराज यूजर्स अब लगातार सिग्नल एप डाउनलोड कर रहे हैं और अपनी परिचितों से भी इस एप को डाउनलोड करने को बोल रहे हैं। इसी के चलते सिग्नल की डाउनलोडिंग में इजाफा देखने को मिला है। 

 

सिग्नल एप की डाउनलोडिंग में भारत में 38 फीसदी का इजाफा देखा गया है और वह भी महज एक सप्ताह में है। सिग्नल एप के एप स्टोर पर टॉप लिस्ट में आ गया है। बुधवार को सिग्नल को भारत में करीब 2,200 लोगों ने डाउनलोड किए, जबकि दिसंबर के अखिरी सप्ताह में सिग्नल के 1,600 डाउनलोड्स हुए थे। 

दिसंबर में सिग्नल के कुल डाउनलोड्स 51,000 थे, जो कि नवंबर से 11 फीसदी अधिक थे। नवंबर में सिग्नल के कुल डाउनलोड्स की संख्या 46,000 थी। यदि भारतीय बाजार में सिग्नल की डाउनलोडिंग का सिलसिला यूं ही चलता रहा तो व्हाट्सएप के लिए मुसीबत हो जाएगी। दुनिया में इस समय व्हाट्सएप के 200 करोड़ यूजर्स हैं जबकि भारत में 40 करोड़ से अधिक यूजर्स हैं। 

क्या बाद में सिग्नल भी व्हाट्सएप जैसा करेगा
व्हाट्सएप की इस तानाशाही के बाद अब सवाल उठता है कि यदि भविष्य में सिग्नल एप भी पैसे के लिए डाटा का इस्तेमाल करने लगा तो क्या होगा। यूजर्स को फिर से नया विकल्प तलाशना पड़ेगा क्या? तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गूगल प्ले-स्टोर पर दी गई जानकारी के मुताबिक सिग्नल एक नॉन प्रॉफिट आॅगेर्नाइजेशन है जिसे 2014 में शुरू किया गया था। सिग्नल एप की कमाई विज्ञापन से नहीं बल्कि डोनेशन से होती है। 

सिग्नल एप को कई बड़े साइबर एक्सपर्ट्स ने सुरक्षित बताया है। सिग्नल, व्हाट्सएप के मुकाबले इसलिए भी अधिक सुरक्षित है, क्योंकि व्हाट्सएप के सिर्फ मैसेज और कॉल ही एंड टू एंड एंक्रिप्टेड होते हैं, जबकि सिग्नल का मेटा डाटा भी एंड टू एंड एंक्रिप्टेड है। अमेरिका की खुफिया सूचनाएं लीक करने वाले और जाने-माने व्हिसलब्लोवर एडवर्ड स्नोडेन भी सिग्नल की सिक्योरिटी की तारीफ कर चुके हैं।