व्हाट्सएप की तानाशाही खत्म करने आ गया यूजर्स प्राइवेसी फोकस्ड मेसेजिंग ऐप 'सिग्नल', एप्पल प्ले स्टोर पर टॉप फ्री एप बना

 09 Jan 2021 01:33 PM

नई दिल्ली। व्हाट्सएप ने अपने यूजर्स के सामने कुछ शर्त रखी हैं। यदि यूजर्स ने इन शर्तों को नहीं माना तो उनका अकाउंट डिलीट हो जाएगा। यह शर्त व्हाट्सएप की किसी तानाशाही से कम नहीं हैं। यह नई शर्तें आठ फरवरी 2021 से लागू हो रही हैं। व्हाट्सएप ने अपने यूजर्स को नई सर्विस शर्तों को लेकर नोटिफिकेशन देना शुरू कर दिया है और यदि कोई यूजर नई शर्तों को एग्री नहीं करता है तो आठ फरवरी के बाद कंपनी उसके अकाउंट को बंद कर देगी। व्हाट्सएप ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि आपको एप इस्तेमाल करना है तो आपको उसकी सेवा शर्तें को पूरी तरह से एग्री करना होगा, आप चाहें तो अपना व्हाट्सएप अकाउंट डिलीट कर सकते हैं। 
व्हाट्सएप की इस पॉलिसी के बाद यूजर्स को अपने डेटा की चिंता सता रही है।  इस बीच, यूजर्स प्राइवेसी-फोकस्ड मेसेजिंग ऐप सिग्नल का रुख कर रहे हैं। दरअसल टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने सिग्नल को लेकर एक ट्वीट किया है। उन्होंने लोगों से सिग्नल इस्तेमाल करने की बात कही है। मस्क के 7 जनवरी को किए गए इस ट्वीट के बाद बड़ी संख्या में लोग सिग्नल ऐप डाउनलोड कर रहे हैं। 

 

भारत समेत कई देशों में टॉप फ्री ऐप बना सिग्नल
बढ़ते डाउनलोड्स के बीच सिग्नल भारत समेत कई देशों में एप्पल के ऐप स्टोर में अब टॉप फ्री एप बन गया है। सिग्नल ने टॉप फ्री एप्स का एप स्टोर चार्ट्स ट्वीट किया है, जिसमें बताया गया है कि वह किन मार्केट्स में अभी नंबर 1 की पोजिशन पर पहुंच गया है। सिग्नल ने भारत, जर्मनी, फ्रांस, आस्ट्रिया, फिनलैंड, हांगकांग और स्विट्जरलैंड में नंबर 1 की पोजिशन के लिए वॉट्सऐप को पीछे छोड़ दिया है। इसके अलावा, जर्मनी और हंगरी में सिग्नल गूगल प्ले स्टोर में भी टॉप फ्री ऐप्स बन गया है।

 

सिग्नल डाउनलोड करने के फायदे
सिग्नल ने दिसंबर 2020 में अपने लेटेस्ट वर्जन्स के साथ ग्रुप कॉल लॉन्च किया है और एन्क्रिप्टेड दिया है। सिग्नल पर्सनल डेटा के तौर पर सिर्फ आपका फोन नंबर स्टोर करता है और ऐप इसे आपकी पहचान से जोड़ने की कोई कोशिश नहीं करता है। जबकि टेलीग्राम आपसे पर्सनल इनफॉर्मेशन के तौर पर कॉन्टैक्ट इंफो, कॉन्टैक्ट्स और यूजर आई डी मांगता है। सिग्नल की नई गाइडलाइन में सिर्फ एक मैसेंजर ऐप से दूसरे मैसेंजर पर कस्टमर को मूव करना बताया गया। यहां ध्यान देना होगा कि आप दो ऐप्स के बीच अपनी चैट को ट्रांस्फर नहीं कर सकते हैं।

सिग्नल ने नए लोगों के लिए गाइडलाइन जारी की
गुरुवार को सिग्नल ने ट्वीट किया कि कई प्रोवाइडर्स के पास वैरीफिकेशन कोड लेट आए क्योंकि नए लोग मैसेजिंग प्लेटफॉर्म से जुड़ने की कोशिश कर रहे थे। कंपनी ने एक गाइडलाइन भी शेयर की है जो यूजर्स को अन्य मैसेंजर ऐप से सिग्नल जॉइन करने के बारे में बताती है। सिग्नल ने गाइडलाइन में अन्य मैसेंजर ऐप के संबंध में व्हाट्सएप का नाम नहीं लिया। हालांकि, व्हाट्सएप की नई पॉलिसी और कस्टमर के बीच परेशानी को देखते हुए सिग्नल की गाइडलाइन और ट्वीट तस्वीर को काफी हद तक साफ करते हैं।

 

 

दो ऐप्स के बीच अपनी चैट ट्रांसफर नहीं कर पाएंगे
सिग्नल की नई गाइडलाइन में सिर्फ एक मैसेंजर ऐप से दूसरे मैसेंजर पर कस्टमर को मूव करना बताया गया। यहां ध्यान देना होगा कि आप दो ऐप्स के बीच अपनी चैट को ट्रांस्फर नहीं कर सकते हैं। दरअसल, सिग्नल ने ट्वीट किया है कि बहुत से लोग पूछ रहे हैं कि अन्य ऐप से अपने ग्रुप चैट को कैसे ट्रांसफर किया जाए। सिग्नल ग्रुप लिंक शुरू करने के लिए एक शानदार हैं। यह वैसा ही है, जैसे आप माइक को बाहर जाने पर छोड़ रहे हैं।

कैसे सिग्नल जॉइन कर सकते हैं
सिग्नल पर सबसे पहले एक ग्रुप बनाएं।
ग्रुप सेटिंग्स पर जाएं और ग्रुप लिंक पर टैप करें।
ग्रुप लिंक क्रिएट के लिए टॉगल आॅन करें और शेयर पर टैप करें।
इसके बाद अपने पसंद के पुराने मैसेंजर ऐप पर शेयर करें।

ग्रुप बनने के बाद यह करें
जो लोग ग्रुप से जुड़ना चाहते हैं, उन लोगों के पास लिंक को शेयर किया जा सकता है।
ग्रुप में नए मेंबर्स को अप्रूव करने के लिए टॉगल ऑन/ ऑफ करना होगा। शेयर लिंक के जरिए नए मेंबर्स की इसमें रिक्वेस्ट आएंगी।
नए मेंबर्स को एड करने से पहले आपको ग्रुप एडमिन से अप्रूवल लेना पड़ेगा।
अगर आपको लगता है कि ग्रुप से जुड़ने के लिए लिंक को ज्यादा शेयर कर दिया गया है तो बदलने के लिए इसे रीसेट करना होगा।

 


व्हाट्सएप की एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड पॉलिसी का क्या हुआ?
व्हाट्सएप अपनी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड पॉलिसी में इस बात का दावा करती थी कि आपके मैसेज, डेटा उसके पास भी नहीं रहता। 8 फरवरी के बाद ये खत्म हो जाएगी। कंपनी ने अपनी इस पॉलिसी में लिखा था कि आपकी प्राइवेसी और सुरक्षा हमारे लिए सबसे ऊपर है, इसलिए हमने आपके लिए एंड टू एंड एन्क्रिप्शन फीचर तैयार किया है।

एंड-टू-एंड एन्क्रिप्ट होने से आपके मैसेज, फोटो, वीडियो, वॉइस मैसेज, डॉक्यूमेंट, स्टेटस और कॉल सुरक्षित हो जाते हैं और कोई उनका गलत इस्तेमाल नहीं कर सकता है। एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन फीचर से यह पक्का हो जाता है कि मैसेज और कॉल सिर्फ आपके और आपके कॉन्टैक्ट के बीच ही रहें। कोई और, यहां तक कि वॉट्सऐप भी उन्हें पढ़, सुन और देख न पाए।

आपसे कौन-कौन सी जानकारियां लेता है व्हाट्सएप
डिवाइस आईडी 
यूजर आईडी 
विज्ञापन डाटा 
खरीदारी की हिस्ट्री 
लोकेशन 
फोन नंबर 
ई-मेल 
कॉन्टेक्ट लिस्ट 
प्रोडक्ट इंटिग्रेशन 
क्रैश डाटा 
परफॉर्मेंस डाटा 
अदर्स डायग्नॉस्टिक डाटा 
पेमेंट इंफॉर्मेशन 
कस्टमर सपोर्ट 
प्रोडक्ट इंट्रेक्शन 
अदर्स यूजर्स कंटेंट 

आपसे ली गईं जानकारियों का व्हाट्सएप कैसे करेगा इस्तेमाल?
कोई भी कंपनी आपसे आपसे दो तरीके से डाटा लेती है और ये दो तरीके प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष हैं। जब भी आप किसी वेबसाइट पर जानते हैं तो आप कूकिज के लिए हां करते हैं। जब भी आप कोई एप या सॉफ्टवेयर को फोन या कंप्यूटर में इस्टॉल करते हैं तो उसकी सेवा शर्तों को बिना पढ़े स्वीकार कर लेते हैं। आमतौर पर कोई कंपनी सीधे तौर पर यह नहीं कहती है कि वह आपके डाटा का इस्तेमाल अपने बिजनेस के लिए करेगी और किसी अन्य कंपनी के साथ शेयर करेगी लेकिन व्हाट्सएप कई नई सेवा शर्तों में यह साफतौर पर लिखा गया है कि वह आपके डाटा को फेसबुक और उसकी अन्य कंपनियों के साथ शेयर करेगा।

मतलब यह कि व्हाट्सएप पर आप किससे क्या बात कर रहे हैं, कौन-सा लिंक शेयर कर रहे हैं, किस ग्रुप में ज्यादा मैसेज कर रहे हैं, कहां जा रहे हैं, किसके साथ लोकेशन शेयर कर रहे हैं। इन सभी जानकारियों को व्हाट्सएप अपने सर्वर पर स्टोर करेगा और फिर इनका इस्तेमाल फेसबुक और इंस्टाग्राम पर विज्ञापन के लिए करेगा। इसके अलावा फेसबुक आपके डाटा को उन कंपनियों के साथ भी शेयर करेगा जो कि उसके पार्टनर हैं।

व्हाट्सएप की नई शर्तों का आप पर क्या पड़ेगा?
अब व्हाट्सएप आपके मैसेज पर नजर रखेगा, उसे पढ़ेगा, समझेगा और एक फाइल तैयार करेगा, जबकि व्हाट्सएप हमेशा से कहता आ रहा है कि उसका एप पूरी तरह से एंड टू एंड एंक्रिप्टेड है यानी आपके मैसेज की जानकारी सिर्फ आपके और प्राप्त करने वाले पास रहती है। मतलब नई शर्तों के मुताबिक व्हाट्सएप अब एंड टू एंड एंक्रिप्टेड नहीं रह जाएगा। कंपनी आपके मैसेज देखेगी और उसे अपने सर्वर पर स्टोर करेगी।

आप किससे सबसे ज्यादा चैट करते हैं, किस ग्रुप में सबसे ज्यादा मैसेज करते हैं, कौन-से प्रोडक्ट की फोटो शेयर करते हैं, आपकी लोकेशन क्या है, ऐसे सभी जानकारी व्हाट्सएप के पास होगी। व्हाट्सएप की नई शर्तों के लागू होने के बाद व्हाट्सएप आपकी चैटिंग पर नजर रखेगा और आपके मैसेज के आधार पर फेसबुक और इंस्टाग्राम पर विज्ञापन दिखाए जाएंगे।