व्हाट्सएप एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड पॉलिसी: आठ फरवरी तक नोटिफिकेशन को एग्री करें नहीं तो अकाउंट हो जाएगा बंद, जानें इसके बारे में सबकुछ

 08 Jan 2021 04:25 PM

नई दिल्ली। व्हाट्सएप ने अपने यूजर्स के सामने कुछ शर्त रखी हैं। यदि यूजर्स ने इन शर्तों को नहीं माना तो उनका अकाउंट डिलीट हो जाएगा। यह शर्त व्हाट्सएप की किसी तानाशाही से कम नहीं हैं। यह नई शर्तें आठ फरवरी 2021 से लागू हो रही हैं। व्हाट्सएप ने अपने यूजर्स को नई सर्विस शर्तों को लेकर नोटिफिकेशन देना शुरू कर दिया है और यदि कोई यूजर नई शर्तों को एग्री नहीं करता है तो आठ फरवरी के बाद कंपनी उसके अकाउंट को बंद कर देगी। व्हाट्सएप ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि आपको एप इस्तेमाल करना है तो आपको उसकी सेवा शर्तें को पूरी तरह से एग्री करना होगा, आप चाहें तो अपना व्हाट्सएप अकाउंट डिलीट कर सकते हैं। दुनियाभर में इस समय व्हाट्सएप के 200 करोड़ यूजर्स हैं। 

 कंपनी की एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड पॉलिसी का क्या हुआ?
व्हाट्सएप अपनी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड पॉलिसी में इस बात का दावा करती थी कि आपके मैसेज, डेटा उसके पास भी नहीं रहता। 8 फरवरी के बाद ये खत्म हो जाएगी। कंपनी ने अपनी इस पॉलिसी में लिखा था कि आपकी प्राइवेसी और सुरक्षा हमारे लिए सबसे ऊपर है, इसलिए हमने आपके लिए एंड टू एंड एन्क्रिप्शन फीचर तैयार किया है।

एंड-टू-एंड एन्क्रिप्ट होने से आपके मैसेज, फोटो, वीडियो, वॉइस मैसेज, डॉक्यूमेंट, स्टेटस और कॉल सुरक्षित हो जाते हैं और कोई उनका गलत इस्तेमाल नहीं कर सकता है। एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन फीचर से यह पक्का हो जाता है कि मैसेज और कॉल सिर्फ आपके और आपके कॉन्टैक्ट के बीच ही रहें। कोई और, यहां तक कि वॉट्सऐप भी उन्हें पढ़, सुन और देख न पाए।

आपसे कौन-कौन सी जानकारियां लेता है व्हाट्सएप
डिवाइस आईडी 
यूजर आईडी 
विज्ञापन डाटा 
खरीदारी की हिस्ट्री 
लोकेशन 
फोन नंबर 
ई-मेल 
कॉन्टेक्ट लिस्ट 
प्रोडक्ट इंटिग्रेशन 
क्रैश डाटा 
परफॉर्मेंस डाटा 
अदर्स डायग्नॉस्टिक डाटा 
पेमेंट इंफॉर्मेशन 
कस्टमर सपोर्ट 
प्रोडक्ट इंट्रेक्शन 
अदर्स यूजर्स कंटेंट 

आपसे ली गईं जानकारियों का व्हाट्सएप कैसे करेगा इस्तेमाल?
कोई भी कंपनी आपसे आपसे दो तरीके से डाटा लेती है और ये दो तरीके प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष हैं। जब भी आप किसी वेबसाइट पर जानते हैं तो आप कूकिज के लिए हां करते हैं। जब भी आप कोई एप या सॉफ्टवेयर को फोन या कंप्यूटर में इस्टॉल करते हैं तो उसकी सेवा शर्तों को बिना पढ़े स्वीकार कर लेते हैं। आमतौर पर कोई कंपनी सीधे तौर पर यह नहीं कहती है कि वह आपके डाटा का इस्तेमाल अपने बिजनेस के लिए करेगी और किसी अन्य कंपनी के साथ शेयर करेगी लेकिन व्हाट्सएप कई नई सेवा शर्तों में यह साफतौर पर लिखा गया है कि वह आपके डाटा को फेसबुक और उसकी अन्य कंपनियों के साथ शेयर करेगा।

मतलब यह कि व्हाट्सएप पर आप किससे क्या बात कर रहे हैं, कौन-सा लिंक शेयर कर रहे हैं, किस ग्रुप में ज्यादा मैसेज कर रहे हैं, कहां जा रहे हैं, किसके साथ लोकेशन शेयर कर रहे हैं। इन सभी जानकारियों को व्हाट्सएप अपने सर्वर पर स्टोर करेगा और फिर इनका इस्तेमाल फेसबुक और इंस्टाग्राम पर विज्ञापन के लिए करेगा। इसके अलावा फेसबुक आपके डाटा को उन कंपनियों के साथ भी शेयर करेगा जो कि उसके पार्टनर हैं।
 
डाटा प्रोटेक्शन को लेकर भारत में कानून
यूजर डाटा प्रोटेक्शन को लेकर भारत में कानून तो है। इस कानून के तहत किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता है और ना ही उसे सजा हो सकती है। ऐसे में टेक कंपनियों पर डाटा प्रोटेक्शन को लेकर भारत से किसी प्रकार का कोई डर नहीं है, जबकि अमेरिका और यूरोप जैसे देश में यूजर डाटा प्रोटेक्शन को लेकर सजा और भारी-भरकम जुर्माने तक का प्रावधान है। अमेरिका जैसे देश ने इन टेक कंपनियों पर डाटा को लेकर दवाब बनाना भी शुरू कर दिया है। भारत में डाटा प्रोटेक्शन को लेकर जो कानून है उसमें देश के अंदर सर्वर लगाने से ज्यादा कुछ नहीं है। अब सरकार के लिए यह जरूरी है कि वह कठोर डाटा प्रोटेक्शन कानून लाए ताकि यूजर्स को अपने डाटा को लेकर निश्चिंत रहें।

व्हाट्सएप की नई शर्तों का आप पर क्या पड़ेगा?
अब व्हाट्सएप आपके मैसेज पर नजर रखेगा, उसे पढ़ेगा, समझेगा और एक फाइल तैयार करेगा, जबकि व्हाट्सएप हमेशा से कहता आ रहा है कि उसका एप पूरी तरह से एंड टू एंड एंक्रिप्टेड है यानी आपके मैसेज की जानकारी सिर्फ आपके और प्राप्त करने वाले पास रहती है। मतलब नई शर्तों के मुताबिक व्हाट्सएप अब एंड टू एंड एंक्रिप्टेड नहीं रह जाएगा। कंपनी आपके मैसेज देखेगी और उसे अपने सर्वर पर स्टोर करेगी।

आप किससे सबसे ज्यादा चैट करते हैं, किस ग्रुप में सबसे ज्यादा मैसेज करते हैं, कौन-से प्रोडक्ट की फोटो शेयर करते हैं, आपकी लोकेशन क्या है, ऐसे सभी जानकारी व्हाट्सएप के पास होगी। व्हाट्सएप की नई शर्तों के लागू होने के बाद व्हाट्सएप आपकी चैटिंग पर नजर रखेगा और आपके मैसेज के आधार पर फेसबुक और इंस्टाग्राम पर विज्ञापन दिखाए जाएंगे। 

पॉलिसी का यूजर पर क्या असर होगा?
ये तय हो चुका है कि आप वॉट्सऐप चलाते हैं तब ये पॉलिसी एग्री करना होगी। यानी न चाहते हुए भी आपको अपने व्हाट्सएप की प्राइवेसी कंपनी के साथ शेयर करना होगी। यानी व्हाट्सएप अब आपके डेटा पर पूरी नजर रखेगी और आपकी प्राइवेसी पूरी तरह खत्म हो जाएगी। इस बात को ऐसे समझें...

खर्च से तय होंगे विज्ञापन: व्हाट्सएप आपके बैंक का नाम, कितनी राशि और डिलीवरी का स्थान सभी ट्रैक करेगा। इससे फेसबुक-इंस्टाग्राम भी आपके फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन जान जाएंगे। ट्रांजेक्शन डिटेल से कंपनी आपकी प्रोफाइलिंग करेगी। यानी आप इडली-डोसा खाते हैं तो अमीर आदमी नहीं हैं। स्टारबक्स जाते हैं तो अमीर हैं। फिर आपको महंगी गाड़ियों के विज्ञापन दिखने लगेंगे।

आईपी एड्रेस और लोकेशन ट्रेस होगी: व्हाट्सएप ने विकल्प दिया है कि यूजर अपनी लोकेशन एक्सेस डिसेबल कर सकते हैं। हालांकि उसने यह भी कहा है कि आईपी एड्रेस और मोबाइल नंबर से अंदाजा लग जाएगा आप कब-कहां जाते हैं।

स्टेटस भी सुरक्षित नहीं: व्हाट्सएप आपका स्टेटस भी पढ़ेगा। जोखिम यह है यदि आपने लिखा- बताओ कौन सी गाड़ी खरीदूं। तो फेसबुक-इंस्टाग्राम भी इसे पढ़ेंगे और आपको कार, बाइक के विज्ञापन दिखने लगेंगे। ठीक ऐसे ही यदि आपने लिखा- घूमने कहां जाना चाहिए। तब आपके सोशल पेज पर कई टूर से जुड़े विज्ञापन आएंगे।

कंटेंट पर सजेशन और एनालिसिस मिलेगा: व्हाट्सएप आपको दोस्तों, ग्रुप्स, कंटेंट आदि के सजेशन भी देगा। एक तरह से व्हाट्सएप आपकी हर हरकत पर नजर रखेगा और उसका एनालिसिस करेगा। फेसबुक इसी आधार पर आपको शॉपिंग, प्रोडक्ट के विज्ञापन दिखाएगा।

कॉल पर भी होगी नजर: कंपनी को पता होगा आप किसे कितने व्हाट्सएप कॉल करते हैं? किस ग्रुप में ज्यादा सक्रिय हैं? ब्रॉडकास्ट लिस्ट कितनी है? फोटो-वीडियो फॉरवर्ड करने पर सर्वर पर अधिक समय स्टोर रहेंगे। उसे पता होगा कौन-सा कंटेंट ज्यादा फॉरवर्ड हो रहा है। फेक न्यूज ट्रैक करने व चुनाव के समय ये जानकारी अहम होगी। बिजनेस अकाउंट से शेयर होने वाले कैटलॉग का एक्सेस भी व्हाट्सएप के पास होगा।