मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे पर ओवर स्पीडिंग भरना पड़ सकता है जुर्माना

 12 Oct 2020 07:31 PM  41

मुंबई-पुणे एक्सप्रेस वे पर 1 अगस्त से गाड़ी चलाते समय सावधान रहने की जरूरत है। अगर दो टोल प्लाजा की बीच की 50 किमी की दूरी तय करने में 37 मिनट से कम समय लगा, तो एक हजार रुपये का जुर्माना भरना पड़ेगा। एक अधिकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र हाइवे पुलिस ने इस सड़क पर वाहनों की तेज रफ्तार पर रोक लगाने के लिए यह निर्णय लिया है। यहां हम आपको मुंबई-पुणे एक्सप्रेस वे पर ओवर स्पीडिंग करने के लिए लगने वाले जुर्माने के बारे में बता रहे हैं।

ओवर स्पीडिंग पर भारी जुर्माना

अधिकारी ने बताया कि रायगड जिले के खालापुर और पुणे जिले के उर्स टोल प्लाजा के बीच करीब 50 किलोमीटर की दूरी है और किसी भी वाहन को इसे तय करने में मान्य गति सीमा के तहत 37 मिनट से कम समय नहीं लेना चाहिए। इस गति सीमा का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर जुर्माना लगाया जाएगा और उन्हें ई-चालान (जुर्माना रसीद) भेजा जाएगा।

बार-बार गलती करने पर बढ़ेगा जुर्माना

अधिकारी के मुताबिक 1 अगस्त से इस सड़क खंड पर गति सीमा का पहली बार उल्लंघन करने पर 1000 रुपये जुर्माना लगाया जाएगा और बार-बार ऐसी गलती करने पर जुर्माना राशि बढ़ जाएगी। छह लेन वाले मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे पर अतीत में कई जानलेवा हादसे हो चुके हैं और उनमें से ज्यादातर की वजह तेज रफ्तार रही। 94 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर गति सीमा 100 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई है।

37 मिनट से कम में नहीं कर सकते 50 किमी का सफर

लगभग 15 किलोमीटर घाट खंड को इससे बाहर रखा गया है, जहां गति सीमा 50 किलोमीटर प्रति घंटा की गई है। हाइवे पुलिस के परीक्षण के अनुसार सामान्य रूप से गाड़ी चलाने पर 50 किलोमीटर की दूरी कम से कम 37 मिनट में तय की जा सकती है। यदि कोई वाहन उससे कम समय में इस दूरी को तय कर लेता है, तो इसका तात्पर्य है कि चालक ने गति सीमा का उल्लंघन किया है।

अब मुंबई से नागपुर जाने में लगेंगे सिर्फ 8 घंटे

दिसंबर 2021 से मुंबई से नागपुर के बीच की यात्रा की अवधि करीब 15 घंटे से घटकर 8 घंटे रह जाएगी। राज्य के दो बड़े शहरों के बीच की दूरी घटाने के लिए बालासाहेब ठाकरे महाराष्ट्र समृद्धि महामार्ग के निर्माण कार्य ने रफ्तार पकड़ ली है। 701 किलोमीटर लंबे महामार्ग का 35 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है। पूरे मार्ग पर 112 किमी तक पक्की सड़क और 318 किमी तक कच्ची सड़क तैयार करने का काम पूरा कर लिया गया है।