नियमों की धज्जियां उड़ा रहा रिहायशी क्षेत्र में डामर प्लांट

नियमों की धज्जियां उड़ा रहा रिहायशी क्षेत्र में डामर प्लांट

भोपाल। राजधानी में पॉल्यूशन कम करने को एक तरफ जहां ''ग्रीन भोपाल कूल भोपाल'' अभियान के तहत पौध रोपण कराया गया था। वहीं दूसरी तरफ शासन-प्रशासन की अनदेखी से रिहायशी इलाके में बीते कई सालों से डामर मिक्सिंग प्लांट जहरीला धुआं उगलकर हर पल हवा को जहरीला बना रहा है। हम बात कर रहे हैं, भानपुर स्थित डामर मिक्सिंग प्लांट की, जो सभी नियम- कायदों को ताख पर रख चल रहा है। बता दें कि मप्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल से जिन नियम-शर्तों पर दिसंबर 2019 तक भानपुर डामर मिक्सिंग प्लांट संचालन की इजाजत दी थी, जो खत्म हो चुकी है। यही नहीं प्लांट संचालक ने पीसीबी में हलफनामा देकर कहा था कि प्लांट से काला जहरीला धुआं नहीं निकलेगा, लेकिन प्लांट लगभग हर पल जहरीला धुआं उगलता रहा और अब भी उगल रहा है। इसकी वजह से भानपुर से करोंद तक करीब तीन से चार किमी और प्लांट से सटे इलाके में लोगों का सांस लेना मुश्किल है। बीते तीन सालों से जहरीला धुआं लोगों को बीमार बना रहा है। करीब दो दर्जन से ज्यादा कॉलोनियों और बस्तियों में रहने वाले लोग त्वचा, सांस और आंख संबंधी रोगों से पीड़ित हैं। ऐसे में स्थानीय रहवासियों ने प्लांट को बंद करने की मांग की है और ऐसा न होने पर पीसीबी का घेराव करने की चेतावनी दी है। प्लांट से निकलने वाला जहरीला धुआं आसपास रहने वालों लोगों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह साबित हो रहा है। ऐसे में रहवासी नगर निगम, जिला प्रशासन से लेकर प्रदूषण नियंत्रण मंडल से कई बार प्लांट बंद कराने की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कुछ नहीं हुआ। खास बात यह है कि इस प्लांट के ओर पीपुल्स अस्पताल और दूसरी ओर गैस पीड़ितों के लिए बना भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर है। प्लांट का धुआं फैलते ही दोनों अस्पतालों के स्टाफ सहित मरीजों का बुरा हाल हो जाता है। वहीं पीसीबी ने महज प्लांट संचालक के शर्ते मानने के हलफनामा के आधार पर दिसंबर 2019 तक प्लांट संचालन की इजाजत दी थी, जो कि खत्म हो चुकी है। इसके बावजूद प्लांट चल रहा है।