चंद्रबाबू को बड़ा झटका, टीडीपी के 4 राज्यसभा सांसद भाजपा में

चंद्रबाबू को बड़ा झटका, टीडीपी के 4 राज्यसभा सांसद भाजपा में

नई दिल्ली/हैदराबाद। हाल के चुनावों में करारी हार के बाद चंद्रबाबू नायडू की तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) को एक और बड़ा झटका लगा है। गुरुवार को टीडीपी के कुल 6 राज्यसभा सांसदों में से चार सांसद राज्यसभा सांसद सीएम रमेश, टीजी वेंटकेश, जी मोहन राव और वाईएस चौधरी भाजपा में शामिल हो गए। इससे पहले उन्होंने टीडीपी के भाजपा में विलय का प्रस्ताव पारित किया, जिस पर भाजपा ने फौरन मुहर लगा दी। भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने टीडीपी के तीन राज्यसभा सांसदों को पार्टी में औपचारिक तौर पर शामिल कराया। एक राज्यसभा सांसद तबीयत खराब होने के कारण प्रेस कॉन्फें्रस में शामिल नहीं हुए। टीडीपी के इन चार राज्यसभा सांसद बीजेपी में उस समय शामिल हुए हैं, जब टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू अपने परिवार के साथ विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं। चुनावों में टीडीपी को मिली हार हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में टीडीपी का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। पार्टी आंध्र प्रदेश की 25 लोकसभा सीटों में महज 3 ही सीटें जीत पाई, जबकि वाईएसआर कांग्रेस ने 22 सीटों पर कब्जा किया। वहीं विधानसभा चुनावों में टीडीपी ने प्रदेश की 175 सीटों में से महज 23 सीटें ही जीतीं। सबसे ज्यादा सीटें 151 वाईएसआर कांग्रेस के खाते में आई। जनसेना पार्टी ने भी एक सीट पर अपना कब्जा जमाया।

आंध्र में भाजपा का बढ़ेगा जनाधार

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि लंबे समय से इन सांसदों के मन में विचार आ रहा था कि पीएम मोदी के नेतृत्व में जिस तरह देश आगे जा रहा है और आंध्र प्रदेश के विकास के लिए इन्हें बीजेपी में शामिल हो जाना चाहिए। चारों राज्यसभा सांसदों के आने से आंध्र प्रदेश में बीजेपी का जनाधार बढ़ेगा।

चंद्रबाबू बोले, संकट पार्टी के लिए नया नहीं

सांसदों के बीजेपी जॉइन करने पर नायडू ने कहा कि पार्टी के लिए संकट कोई नई बात नहीं है। उन्होंने कहा, हम बीजेपी के साथ केवल विशेष राज्य के दर्जे और आंध्र के हितों के लिए लड़े। स्पेशल स्टेटस के लिए हमारे केंद्रीय मंत्रियों ने पद छोड़ दिया। उन्होंने यह भी कहा, क्राइसिस पार्टी के लिए नई नहीं है। इससे हतोत्साहित होने की जरूरत नहीं है।

एक टीडीपी सांसद मोदी सरकार1 में थे मंत्री

जिन चार सांसदों ने बीजेपी का दामन थामा है, उनमें से एक नाम वाईएस चौधरी का है, जो मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। गुरुवार को बीजेपी जॉइन करने के बाद उन्होंने कहा, आप सभी को देश का मूड पता है, जो चुनाव में भी देखने को मिला है। मुझे पीएम मोदी की सरकार में काम करने का अवसर मिला है। आंध्र प्रदेश का काफी नुकसान हुआ है। ऐसे में हम चाहते हैं कि आंध्र के साथ ही पूरा देश आगे बढ़े।

आंध्र विधानसभा में नहीं है कोई भी भाजपा विधायक

भाजपा के पास मौजूदा आंध्र प्रदेश में विधानसभा में कोई भी विधायक नहीं है, जबकि पिछली विधानसभा में भाजपा को पांच सीटें मिली थी। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा का टीडीपी के साथ गठबंधन था। जबकि इस बार हुए चुनाव में टीडीपी ने अलग चुनाव लड़ने का फैसला किया था। ऐसे में चंद्रबाबू नायडू के विदेश दौरे से लौटने के बाद आंध्र प्रदेश की राजनीति में बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है।