जुलाई में पेश होगा पूर्ण बजट, वित्त मंत्रालय में शुरू हुई तैयारी

जुलाई में पेश होगा पूर्ण बजट, वित्त मंत्रालय में शुरू हुई तैयारी

नई दिल्ली। जुलाई के दूसरे सप्ताह में मोदी सरकार अपना पूर्णकालिक बजट पेश कर सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दूसरे कार्यकाल के पहले पूर्ण बजट को पेश करते वक्त आम जनता के लिए कई सारे क्षेत्रों में बदलाव कर सकती है। इनमें आयकर छूट के अलावा होम लोन, पेंशन और आधार जैसे कई बड़े बदलाव किए जा सकते हैं। वित्त मंत्रालय ने बजट को पेश करने के लिए अपनी तैयारी को शुरू कर दिया है। सूत्रों की मानें तो वित्त मंत्रालय ने नई सरकार के गठन के बाद पेश होने वाले पूर्ण बजट का खाका तैयार करना शुरू कर दिया है। पिछली बार फरवरी में अंतरिम बजट पेश करने के तत्कालीन वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि अगर सरकार दोबारा आती है तो फिर मध्यम वर्ग को आयकर में और ज्यादा छूट देने की घोषणा की जा सकती है। इस बार लोगों को टैक्स स्लैब और टैक्स की दर में बदलाव हो सकता है। मोदी ने भी तब अंतरिम बजट पेश होने के बाद कहा था कि यह केवल एक ट्रेलर और जुलाई में पूरी पिक्चर देखने को मिलेगी।

आयकर के नियमों में होगा पूरा तरह से बदलाव

मोदी सरकार आयकर के 50 साल से चले आ रहे पुराने कानून को बदल सकती है। इसके लिए एक टास्क फोर्स का गठन हो चुका है। अब 31 मई तक यह अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। अब अपने दूसरे कार्यकाल में यह कानून पूरी तरह से बदल सकता है।

सख्त होगा टैक्स कानून

नोटबंदी के बाद से टैक्स कानून में बहुत तरह के बदलाव हुए थे। अब इस कानून को और सख्त किया जाएगा, ताकि काले धन पर रोक लग सके।

केवाईसी के लिए आधार

मोदी सरकार ने अपने पहले कार्यकाल में आधार को केवाईसी के तौर पर इस्तेमाल करने के लिए जरूरी कर दिया था। आयकर रिटर्न, पैन कार्ड, मोबाइल सिम और बैंक खाते के लिए इसका प्रयोग होने लगा था। हालांकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आधार का बैंक खाते और मोबाइल सिम समेत कई वित्तीय और गैर-वित्तीय लेनदेन के लिए लेने के लिए अवैध हो गया था।

वरिष्ठ नागरिकों के लिए पेंशन स्कीम को मिलेगा एक्सटेंशन:वरिष्ठ नागरिकों के लिए शुरू की गई पीएम वय वंदना योजना की समयावधि को 2020 से बढ़ाकर के 2024 तक किया जा सकता है।

होम लोन पर मिलने वाली सब्सिडी : होम लोन पर सरकार की तरफ से मध्यम वर्ग को सब्सिडी मिलती है। पीएम आवास योजना के तहत अभी तक 3.4 लाख लोग इसका लाभ ले चुके हैं।

डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा:सरकार नोटबंदी के बाद डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा दे रही है। अब केंद्र सरकार कैश के बजाए इसी से लेनदेन करने के लिए प्रोत्साहित करेगी।