बस आॅपरेटरों ने 200 परमिट और रजिस्ट्रेशन कार्ड सरेंडर किए

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बस आॅपरेटरों ने 200 परमिट और रजिस्ट्रेशन कार्ड सरेंडर किए

ग्वालियर।  बस आॅपरेटरों ने अप्रैल-मई माह का टैक्स माफ और किराया डबल करने की मांग पूरी नहीं होने पर गुरुवार को संयुक्त परिवहन आयुक्त एमपी सिंह को स्थाई परमिट और रजिस्ट्रेशन कार्ड सरेंडर कर दिए हैं। मध्यप्रदेश रोडवेज के अध्यक्ष राघवेंद्र सिंह तोमर के नेतृत्व में बस आॅपरेटरों ने 1 जून को अप्रैल-मई माह का टैक्स माफ और किराया डबल व अन्य मांगों को लेकर प्रमुख सचिव परिवहन एसएन मिश्रा और परिवहन आयुक्त वी. मधुकुमार के नाम ज्ञापन सौंपा था, लेकिन मांगें पूरी नहीं होने पर गुरुवार को बस आॅपरेटर सिरोल पहाड़ी स्थित परिवहन मुुख्यालय पहुंचे और मांगें नहीं जाने पर निराशा जाहिर करते हुए 200 परमिट और रजिस्ट्रेशन कार्ड सरेंडर कर दिए हैं। प्रदेश के बाकी जिलों में बस आॅपरेटर परमिट सरेंडर कर सकते हैं, क्योेंकि आॅपरेटरों ने मांगें पूरी नहीं होने पर बसें नहीं चलाने का एलान कर दिया है। बस आॅपरेटरों की मानेें तो टेक्सेशन एक्ट में इस बात का उल्लेख है कि जिन महीनों में बस का संचालन नहीं होगा, उन अवधि का टैक्स नहीं लिया जाएगा और 50 फीसदी सवारी बैठाने से डीजल व अन्य खर्चे नहीं निकलेेंगे, इसलिए किराया डबल करने की मांग की है। अप्रैल-मई माह का टैक्स माफ करने, किराया डबल करने व अन्य मांगों को लेकर संयुक्त परिवहन आयुक्त को प्रमुख सचिव परिवहन और परिवहन आयुक्त के नाम 1 जून को ज्ञापन दिए थे मगर मांगें पूरी नहीं होने पर 200 बस आॅपरेटरों ने परमिट और रजिस्ट्रेशन कार्ड सरेंडर कर दिए हैं।