उद्योगों और बिजली सयंत्रों पर बढ़ेगा जलकर प्रभार

उद्योगों और बिजली सयंत्रों पर बढ़ेगा जलकर प्रभार

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार उद्योगों और बिजली संयंत्रों को उपलब्ध करा रही पानी की जल दर में बढ़ोतरी करने की तैयारी में हैं। वर्तमान में उद्योगों को 5.50 रुपए प्रति घनमीटर और बिजली संयंत्रों को 20 पैसे प्रति घनमीटर प्रति घंटा पानी दिया जाता है। जिसे बढ़ाकर 7 रुपए घनमीटर और 40 पैसे घनमीटर किए जाने की संभावना है। साथ ही किसानों को सिंचाई के लिए दिए जाने वाले पानी की दर भी बढ़ाई जा सकती है। जल संसाधन विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए पानी से सरकार को पिछले साल 567 करोड़ से अधिक की आय हुई थी और इन दरों के बढ़ने से 500 करोड़ की अतिरिक्त आय होने का अनुमान है। कोरोना महामारी के वजह से आर्थिक संकट से जूझ रही मप्र सरकार राजस्व आय बढ़ाने के नए-नए तरीके ढूंढ रही है। इसी के चलते सरकार ने 12 जून को पेट्रोल और डीजल पर एक-एक रुपए प्रति लीटर अतिरिक्त कोरोना टेक्स लगाया था। इससे करीब 1500 करोड़ की अतिरिक्त सालाना आय होने का अनुमान है। अब उद्योगों, हाइड्रल बिजली संयंत्रों तथा किसानों को दिए जाने वाले सिंचाई के लिए पानी की जल दर बढ़ाने का प्रस्ताव है। वैसे किसानों को सिंचाई के लिए दिए जाने वाले पानी से सरकार को बहुत कम राशि ही मिलती है। बीते पांच सालों के आंकडेÞ देखे तो इससे 100 करोड़ की आय सरकार को हुई है।