कॉन्ट्रेक्टर नहीं दे रहा था पैसे और खाना, 1500 किमी पैदल चलकर मजदूर घर जाने को मजबूर

कॉन्ट्रेक्टर नहीं दे रहा था पैसे और खाना, 1500 किमी पैदल चलकर मजदूर घर जाने को मजबूर

भोपाल। पिछले चार महीने से एक होटल की कंस्ट्रक्शन साइट पर काम कर रहे मजदूरों को पिछले दो महीने से न तो पैसा मिला और न ही ठेकेदार ने खाने का ही इंतजाम किया। ऐसे में परेशान होकर करीब 17 मजदूर पैदल ही अपने घर (बिहार) के लिए रवाना हो गए। उनके साथ महिलाएं और दो छोटे-छोटे बच्चे भी थे। पीपुल्स समाचार को जब यह खबर मिली तो फोरन उनसे संपर्क किया। तत्काल उनके भोजन का इंतजाम किया और प्रशासन को इस संबंध में सूचना दी, नतीजतन प्रशासन के दबाव के बाद सभी मजदूरों को ठेकेदार अपनी कंस्ट्रक्शन साइट पर वापस ले गया और उनके रहने और खाने का इंतजाम करने का प्रशासन को भरोसा दिया। मामला शनिवार सुबह का है। भदभदा स्थित कंस्ट्रक्शन साइट से करीब 17 मजदूर पैदल ही स्टेशन के लिए रवाना हो गए। उनका इरादा था अगर स्टेशन पर मजदूरों के लिए चल रही कोई ट्रेन मिल जाए तो ठीक है, अगर नहीं मिले तो पैदल ही बिहार के लिए रवाना हो जाएंगे। करीब तीन किलोमीटर पैदल चलने के बाद राजभवन के पास इन मजूदरों को पुलिस की टीम ने रोक लिया। इसके बाद पीपुल्स समाचार की टीम मौके पर पहुंची। यहां फुटपाथ बैठे इन मजदूरों से बातचीत की, इसके बाद तत्काल खाने के इंतजाम के लिए सेवाभारती से संपर्क किया और साथ ही प्रशासन से संपर्क किया गया। कुछ देर बाद सेवाभारती की टीम खाना लेकर मौके पर पहुंच गई, इसके बाद प्रशासन के दबाव के चलते ठेकेदार ने सभी मजदूरों को वापस बुला लिया। खाना और पैसा देने का वादा भी किया।

बच्चों को खाना कैसे खिलाएंगे कुछ पता नहीं

मुंगेर बिहार के रहने वाले संजय राम ने बताया कि वे भदभदा स्थित एक होटल के कंस्ट्रशन साइट पर 4 महीनों से काम कर रहे थे। हम सभी लोग बिहार से है, फरवरी से हमें किसी प्रकार का पैसा नहीं दिया। हम आज इतने मजबूर हैं कि बच्चों को खाना भी नहीं खिला पा रहे। इसलिए हमने घर जाने का फैसला लिया। मजदूरों ने बताया कि हम सब से निकलते समय एक पेपर पर साइन करवा लिए गए और हमसे कहा कि अब बकाया कोई पैसे नहीं मिलेंगे और न ही यहां रहने के लिए जगह, हम करते भी क्या हमारे पास कोई चारा नहीं है।