पीपुल्स यूनिवर्सिटी में डेवलप किया गया स्टेरीलाइजेशन चैम्बर

पीपुल्स यूनिवर्सिटी में डेवलप किया गया स्टेरीलाइजेशन चैम्बर

I AM BHOPAL ।     कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के लिए सेनेटाइजेशन को एक बढ़िया विकल्प माना गया है। हाथों का सेनेटाइजेशन तो आसानी से हो जाता है, लेकिन मोबाइल, पर्स, औजार, करेंसी और अन्य वस्तुओं के सेनेटाइजेशन की तरफ लोग ध्यान ही नहीं देते हैं। इसी कड़ी में पीपुल्स यूनिवर्सिटी भोपाल ने वस्तुओं के सेनेटाइजेशन के लिए एक यूवी स्टेरीलाइजेशन चैंबर बनाया है। इसकी खासियत ये है कि इसे किसी भी कार्यालय में बड़ी ही आसानी से स्थापित किया जा सकता है। जैसे कि आॅफिस टेबल की दराज या फाइल कैबिनेट आदि में। वायरस यूवीसी प्रकाश के प्रति संवेदनशील है, जैसा कि अन्य जीवाणु बैक्टीरिया के मामले में है। कीटाणु नाशन के लिए रासायनिक दृष्टिकोण के विपरीत, यूवी प्रकाश एक शारीरिक प्रक्रिया के माध्यम से सूक्ष्मजीवों में तेजी से, प्रभावी निष्क्रियता प्रदान करता है। पीपुल्स विश्वविद्यालय के प्रोफेसर भास्कर कुमार गुप्ता एवं सौरेश कुलश्रेष्ठ के अनुसार यूवी स्टेरीलाइजेशन चैंबर खासतौर पर आॅफिस में दस्तावेजÞ एवं वस्तुओं को सेनेटाइज करने के लिए बनाया गया है। डॉक्टर गुप्ता के अनुसार, यूवीसी रेंज वाले चैंबर में किसी भी वस्तु को कम से कम 60 सेकेंड से 120 सेकेंड तक रखने पर संबंधित वस्तु की सतह वायरस समेत अन्य जीवाणु के संक्रमण से रहित हो जाती है। यह चैंबर बाजार में महंगे दामों में बिक रहे हैं, लेकिन पीपुल्स विश्वविद्यालय की टीम ने काफी कम लागत में इसे बनाया है।