भक्तों को था इंतजार ,आज से खुलेंगे मंदिरों के पट, सुबह 5 से शाम 7 बजे तक होंगे दर्शन

Temple boards will open from today

भक्तों को था इंतजार ,आज से खुलेंगे मंदिरों के पट, सुबह 5 से शाम 7 बजे तक होंगे दर्शन

ग्वालियर। कोरोना वायरस महामारी के चलते जिलेवासियों की सुरक्षार्थ जिले के धर्म स्थलों को लॉकडाउन की श्रेणी में रखते हुए भक्तों के दर्शनों के लिए पाबंदी लगाई गई थी, जिसके चलते मंदिरों के पट बंद कर दिए गए थे। 7 जून को राज्य शासन के आदेश पर जिला प्रशासन द्वारा गाइड लाइन के अनुसार 8 जून की सुबह से जिले के धर्मस्थलों के पट एक बार फिर से खोले जा रहे हैं।

अचलेश्वर मंदिर

अचलेश्वर सार्वजनिक न्यास के अध्यक्ष हरीदास अग्रवाल ने बताया कि सोमवार को जिला प्रशासन द्वारा मंदिर को खोलने की गाइड लाइन प्राप्त हुई है, जिसके अनुसार न्यास द्वारा बाबा अचलनाथ के मंदिर को दर्शनार्थियों के खोलने के निर्णय है। जिसके तैयारियों को लेकर न्यास द्वारा मंदिर में भक्तों के भक्तों के प्रवेश के लिए सोशल डिस्टेंसिंग के गोले खिंचवाए गए हैं व मंदिर प्रांगण में प्रवेश से भक्तों को हाथ-पैर धोने व सैनेटाइज की व्यवस्था की गई है। इसके बाद सोशल डिस्टेंसिंग के साथ प्रवेश प्राप्त होगा, जहां भक्त गर्भग्रह में स्थित बाबा अचलनाथ के शिवलिंग के पास नहीं जा सकेंगे। एक बार में एक भक्त को गर्भगृह में प्रवेश दिया जाएगा। इसके अलावा भक्त शिवलिंग छू नहीं सकेंगे, दूर से पूजा-अर्चना की अनुमति प्रदान की गई है तथा भक्त द्वारा प्रसादी व फूलमाला अर्पित करने पर पूर्ण रूप से पाबंदी रहेगी।

सांई बाबा मंदिर, विकास नगर
विकास नगर स्थित सांई भक्त मंडल ट्रस्ट के अध्यक्ष योगेश शुक्ला व कोषाध्यक्ष आनंद सावंत ने संयुक्त रूप से बताया कि जिला प्रशासन की ओर से मंदिर खोलने के लिए गाइÞड लाइन प्राप्त हुई है, जिसके अनुसार सांई बाबा के दरबार के बाहर से मंदिर प्रांगण से होते हुए बाहर तक भक्तों के प्रवेश के लिए सोशल डिस्टेंसिंग के गोले चिंहित कराए गए है। वहीं मंदिर में प्रवेश से पहले भक्तों को पूर्ण रूप से हाथ-पैर धोने के बाद व सैनेटाइड होने के बाद ही प्रवेश मिलेगा, जहां भक्त सांई बाबा के केवल दर्शन कर सकेंगे और सीधे दूसरे रास्ते से बाहर निकालने की व्यवस्था की गई है। भक्त मंदिर के बाहर से ही सांई बाबा को प्रसाद व पूजन सामग्री अर्पित कर सकते हैं, लेकिन मंदिर के अंदर प्रसाद, पूजन सामग्री व फूलमाला जाने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा।

आज से खुलेंगे माता रतनगढ़ के कपाट,प्रबंधन ने की तैयारी
 अनुभाग सेंवढ़ा में स्थित माता रतनगढ़ मंदिर के कपाट सोमवार को श्रद्धालुओं के लिए खुल जाएंगे। इसके लिए मंदिर प्रबंधन द्वारा सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। दर्शन के दौरान प्रसाद, फूल माला तथा प्रसाद ले जाने पर पाबंदी रहेगी। मंदिर प्रबंधक तहसीलदार दीपक यादव ने बताया सरकार द्वारा जारी की गई गाइड लाइन का पालन करते हुए श्रद्धालुओं को सैनैटाइज करने के बाद ही मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा। सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए दो मीटर दूरी पर  गोल घेरे बनाए गए हैं। श्रद्धालुओं के लिए रैलिंग लगाई गई है। माता पर चढ़ने वाली चुनरिया की अलग से व्यवस्था की गई है। दर्शनों के दौरान घंटा बजाने पर रोक रहेगी। साथ ही प्रसाद व फूल चढ़ाने और टीका लगाने प्रतिबंध रहेगा श्रद्धालुओं को सोशल डिस्टेंस का पालन करना होगा, जिससे शारीरिक दूरी का पालन कराया जा सके।

 सुबह 5 से शाम 7 बजे तक खुलेंगी
अपर जिला मजिस्ट्रेट किशोर कन्याल के आदेश अनुसार जिले की सभी मस्जिदें (धार्मिक स्थल) 8 जून से सुबह 5 से शाम 7 बजे तक खोलने की अनुमति मिली है। ग्वालियर शहर काजी अब्दुल हमीद कादरी के अनुसार ग्वालियर के मुस्लिम बंधुओं ने आग्रह है कि सोशल Þिडस्टेंसिंग का पालन करें, मस्जिद में घर से ही सैनेटाइज होकर मस्जिदों में पहुंचे, मस्जिदों में ज्यादा संख्या में शामिल न हों, मस्जिद में रखी टोपी, रुमाल वगैरह का इस्तेमाल न करें, हमेशा मास्क लगाए रखें। मस्जिद  के बाथरुम में रखे साबुन, हैंडबाश का ही इस्तेमाल करें, मस्जिद में सिर्फ फ़र्ज़ नमान ही अदा करे, सुन्नते, नफ्Þल घर में ही अदा करें। 55 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्ग और 10 साल से कम उम्र के बच्चे घर पर ही नमाम पढ़ें। अगर किसी को बुखार, खासी बगैरह या किसी किस्म की बीमारी हो तो घर पर ही नमाज़ अदा करें।

एक दिन में चार सौ लोगों ही मिलेगी पीताम्बरा माई के दर्शन की अनुमति
लॉक डाउन के चलते करीब ढाई माह से बंद पीतांबरा पीठ मंदिर के कपाट 8 जून (आज) सोमवार को आम दर्शनार्थियों के लिए सुबह 9 से शाम 5 बजे तक खोले जाएंगे। मंदिर के प्रबंधक महेश दुबे ने बताया कि मंदिर में माई के दर्शन के लिए भक्तों को भारत सरकार व राज्य शासन व जिला प्रशासन की गाइड लाइन का पूर्ण रूप से पालन करना अनिवार्य रहेगा। मंदिर के प्रबंधक श्री दुबे ने बताया कि पहले दिन जिन भक्तों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है, उन्हें 400 की संख्या में मंदिर में दर्शन उपलब्ध कराए जाएंगे। अगर हम आवश्यकता समझेंगे, तो 8 या 10 जून को दर्शनार्थियों के संख्या बढ़ाने पर विचार करेंगे। इसके लिए 7 जून को सुबह 7 से 9 बजे तक श्री पीतांबरा पीठ आयुर्वेदिक में दर्शनार्थियों के पंजीयन किए गए, जिन्हें 8 जून को मंदिर में दर्शनों के लिए प्रवेश दिया जाएगा। इसी के साथ 11 जून से स्थानीय दर्शनार्थियों के अलावा बाहर से आने वाले दर्शनार्थियों को भी दर्शन कराए जाएंगे। दर्शनों के लिए प्रवेश और निकासी मंदिर के उत्तर द्वार से कराई जाएगी। सभी दर्शनार्थियों को मास्क पहनना अनिवार्य होगा। दर्शनार्थियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी और हाथ पैर धोकर ही मन्दिर में प्रवेश किया जा सकेगा। जूता चप्पल स्वयं जूताघर में रखना होगा। इसके अलावा कोई भी वस्तु, फूल,फल, प्रसाद आदि मन्दिर में ले जाना वर्जित होगा। दर्शन करते समय छह फुट की दूरी रखनी होगी। मोबाइल बंद कर स्वयं की सुरक्षा में रखना होगा। इस दौरान श्री धूमावती माई के दर्शन बंद रहेंगे। माई को अर्पित(लगा हुआ प्रसाद ,प्रसाद काउंटर पर उपलब्ध रहेगा। मन्दिर परिसर में थूकना तथा किसी भी मूर्ति ,वस्तु, रेलिंग को छूना मना है। आरोग्य सेतु एप्प का प्रयोग अनिवार्य रहेगा। मन्दिर पर दान आदि दान पेटी, चेक या आॅनलाइन स्वीकार्य है। चिकित्सीय टीम तथा एम्बुलेंस आपात स्थिति में उपलब्ध रहेगी। खांसी जुकाम बुखार तथा संदिग्ध दर्शनार्थी को प्रवेश नही मिल सकेगा।