बांग्लादेशी घुसपैठियों से पूछताछ में होंगे खुलासे

बांग्लादेशी घुसपैठियों से पूछताछ में होंगे खुलासे

पुलिस ने रिमांड पर लिया, मदद करने वालों की निकाल रहे जानकारी 
दोस्त का अपहरण कर फिरौती मांगने वाले मामले में पुलिस ने गुरुवार को बड़ा खुलासा किया। आरोपियों में दो युवती और एक युवक बांग्लादेशी हैं, जो बिना पासपोर्ट के देश में घुसे और नासिक के रास्ते इंदौर तक पहुंच  गए। इन लोगों ने शहर में रहकर अनैतिक व्यापार भी किया। अब पुलिस इन लोगों की मदद करने वालों की जानकारी निकाल रही है। शंका है कि स्थानीय आरोपी इनके मददगार हो सकते हैं। वहीं तीन आरोपियों को पुलिस ने रिमांड पर लिया है, जिनसे पूछताछ में कई खुलासे होने की संभावना है। 
गत दिनों गौरी नगर निवासी अनिल पिता राम मनोहर पाल का उसके दोस्त ने पत्नी और अन्य साथियों के साथ मिलकर अपहरण कर लिया। उसे बंधक बनाकर पीटा और उसकी पत्नी को कॉल कर दो लाख रुपए की फिरौती मांगी। उन्होंने कनपटी पर पिस्टल रख वीडियो कॉल कर पत्नी को डराया भी था। पत्नी ने वीडियो का स्क्रीन शॉट लेकर पुलिस को सौंप दिया, जिसके बाद पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर अगले दिन आरोपी किशोर पिता उत्तम खंडारे निवासी महाराष्ट्र, पत्नी मेघा खंडारे, रोनी पिता रोहित शेख और लीमा पिता हैदर हलदर दोनों निवासी बांग्लादेश को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी लीमा और रोनी शेख बिना पासपोर्ट के देश में घुसे थे। रोनी एजेंट है और वह लीमा को देह व्यापार के सिलसिले में आरोपी किशोर के पास लेकर आया था। किशोर दोनों को नासिक से इंदौर लेकर आया था। रोनी और किशोर की पहचान पत्नी मेघा के जरिए हुई थी, क्योंकि मेघा बांग्लादेशी नागरिक है और उसका असली नाम बेगम खातून है। वह करीब 10 साल पहले बिना पासपोर्ट के देश में घुसी थी। काम की तलाश में मुंबई पहुंची बेगम खातून ने नाम बदलकर मेघा रख लिया और यहां देह व्यापार में लिप्त हो गई। इसी दौरान वाशिम (महाराष्ट्र) निवासी किशोर से उसकी पहचान हुई तो तीन साल पहले दोनों ने शादी कर ली। शादी के बाद मेघा वापस बांग्लादेश लौटी और फिर यहां पर पासपोर्ट हासिल कर 2017 में इंडिया लौटी। यहां से ये इंदौर आ गए और पति के साथ देह व्यापार को धंधा बना लिया। मामले में पुलिस ने फर्जी मार्कशीट बनाकर देने वाले अशोक अग्रवाल निवासी नंदानगर व शिवकुमार यादव को भी गिरफ्तार किया है। अब अन्य मददगारों का पता लगाया जा रहा है। वहीं किशोर, मेघा और एक अन्य को दो दिन रिमांड पर लिया गया, जबकि अन्य को जेल भेज दिया गया है।