स्मार्ट पुलिसिंग के तहत् हो रही डोर टू डोरF IR

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स्मार्ट पुलिसिंग के तहत् हो रही डोर टू डोरF IR

ग्वालियर। कोरोना काल में पुलिस खासी अलर्ट नजर आ रही है, जिसके चलते स्मार्ट पुलिसिंग के तहत् डोर टू डोर पहुंचकर एफआईआर दर्ज की जा रही है। फिलहाल ट्रायल के तौर पर जिले के घाटीगांव तथा विश्वविद्यालय थानों की एफआरवी के जरिए यह नवाचार शुरू किया गया है। प्रदेश के इंदौर, भोपाल व उज्जैन सहित अन्य जिलों में तमाम पुलिसकर्मियों के कोरोना पॉजिटिव निकलने से ग्वालियर एसपी नवनीत भसीन द्वारा अपने सभी मातहतों को ऐहतियात बरतने की समझाइश दी गई है, जिसके चलते पुलिसकर्मियों व आमजन को कोरोना संक्रमण से बचाने हेतु बीती 11 मई से डोर टू डोर एफआईआर की प्रोसेस शुरू की गई है। शुरूआत में ट्रायल के तौर पर जिले के विश्वविद्यालय तथा घाटीगांव थानों की एफआरवी को इस काम के लिए लगाया गया है, इन पर तैनात स्टॉफकर्मी क्षेत्र में घटित होने वाले अपराधों सूचना मिलने पर तुरंत वहां पहुंच जाते हैं, एवं आवश्यकता होने पर स्पॉट पर ही एफआईआर भी दर्ज कर लेते हैं। इस नवाचार से यहां थानों में पदस्थ पुलिसकर्मी बाहरी लोगों के संपर्क में आने से बचते हैं, वहीं आमजन को भी थाने जाने की झंझट से मुक्ति मिल जाती है।

टेक्निकल खामी से स्टॉफकर्मी परेशान

डोर टू डोर एफआईआर के दौरान आने वाली टेक्निकल खामी से एफआरवी पर तैनात पुलिसकर्मी खासे परेशान हैं, दरअसल इसमें सबसे बड़ी समस्या सर्वर डाउन होने की आ रही है, जिससे एफआईआर दर्ज होने में स्टॉफकर्मियों को चार-पांच घंटे तक बर्बाद करना पड़ रहे हैं। एफआरवी स्टॉफ के मुताबिक वह इसे लेकर कंट्रोल रूम में भी अपनी शिकायत दर्ज करवा चुके हैं, लेकिन अब तक इसका कोई निदान नहीं हो सका है। कोरोना काल में ऐहतियात के तौर पर डोर टू डोर एफआईआर शुरू की गई है, जिसके तहत् ट्रायल के तौर पर दो थानों की एफआरवी लगाई गई हैं। यदि इनमें कोई टेक्निकल प्रॉब्लम आ रही है, तो उसे भी चेक करवाते हैं।

अब तक हुर्इं कुल दस एफआईआर
विश्वविद्यालय एवं घाटीगांव थाना इलाकों में शुरू की गई डोर टू डोर एफआरआर के तहत् अब तक लगभग दस प्रकरण दर्ज की गई हैं, जिनमें मारपीट, अभद्रता सहित अन्य मामले शामिल हैं, इसके अलावा लगभग आधा दर्जन अदम चेक भी काटे गए हैं।