वेतन कटौती को लेकर ईकोग्रीन कर्मियों ने की हड़ताल, आधे शहर से नहीं उठा कचरा

strike

वेतन कटौती को लेकर ईकोग्रीन कर्मियों ने की हड़ताल, आधे शहर से नहीं उठा कचरा

ग्वालियर। वेतन कटौती को लेकर ईको ग्रीन कंपनी के कर्मचारियों ने सुबह से काम शुरू न कर हड़ताल कर दी। जिसके चलते आधे से ज्यादा शहर में कचरा पसरा रहा। हालांकि वाहन गायब होने की शिकायत दर्ज करवाने टिपर वाहन चालक व कड़क्टर पुलिस थाने भी पहुंचे, लेकिन देर तक बैठे रहने पर भी मौके पर कायमी नहीं हो सकी। बाद में कंपनी प्रतिनिधियों के मौके पर पहुंचने के दौरान अभद्र भाषा का उपयोग होता देखा गया। मंगलवार को ईकोग्रीन कर्मचारियों के टिपर वाहन चालकों के 10500 रूपये वेतन को 9200 रूपये व कडक्टर के 7500 रूपये वेतन को 6000 रूपये करने पर हंगामा हुआ। जिसके चलते कंपनी कर्मियों ने लगभग 25 वार्डो में जाने वाले टिपर वाहनों में से अधिकांश को ट्रिपल आईटीएम कॉलेज वाली साइड पर पहुंचा दिया। मामले में खुद को चोरी के फेरे से बचाने के लिए पुलिस थाना बहोड़ापुर थाने भी पहुंचे, जहां कंपनी प्रतिनिधियों विपिन शर्मा व राहुल राठौर के आने के बाद फिर से टिपर वाहन चालकों का विवाद हुआ और टिपर वाहन चालक मौके से चले गए। लेकिन उन्होंने वेतनकाट लिए जाने के से रोषित होकर काम बंद कर दिया था और चेतावनी दी कि जब तक 30 दिन का वेतन नहीं मिलेगा, तब तक काम की छुट्टी रहेगी।

आज भी नहीं उठेगा आधे शहर से कचरा 
काम बंद करने वाले कर्मचारियों का कंपनी प्रबंधन पर आरोप है कि उनसे 30 दिन की जगह 26 दिन काम लेने को कहा जा रहा है। पहले आॅवर टाइम काम के बाद अतिरिक्त पैसा मिलता था, तो उनका गुजारा चल जाता था, लेकिन ऐसा नहीं होने पर दर्जनों कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति खराब होगी। निगम अधिकारियों पर लगे गड़बड़ कराने के आरोप नाराज कंपनी कर्मचारियों ने विरोध के चलते निगम अघिकारी निशाने पर रहे। जिसके चलते नाराज कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि सब कुछ निगम अधिकारियों की मेहरबानी से चल रहा है। वहीं हड़ताल पर जाने के चलते उन्होंने स्थिति बनने पर सवाल खड़े किए।