स्वास्थ्य और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक रणनीति तैयार की

स्वास्थ्य और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक रणनीति तैयार की

भोपाल । कोविड-19 वायरस के खतरे के इस मुश्किल दौर में जहां डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और राज्य प्रशासन के लोग एक साथ मिलकर गंभीर लड़ाई में लगे हुए हैं ऐसे समय में कई और अनसुने नायक हैं जो समान रूप से सराहनीय काम कर रहे हैं। इन नायकों द्वारा पूरे देश में आमजन के लिए आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं के निरंतर प्रवाह को बनाए रखने के काम को अंजाम दिया जा रहा है। इनमें कुछ वे हैं जो आमजन की रसोई में गैस उपलब्धता बनाये रखने का काम कर रहे हैं तो कुछ अत्यावश्यक व अन्य जरूरी सेवाओं में लगे वाहनों के पहियों को गतिमान रखकर सुचारू आवाजाही सुनिश्चित कर रहे हैं। इन लोगों में एलपीजी डिलीवरी पेट्रोल पंप अटेंडेंट, टैंकर,ट्रक ड्राइवर से लेकर इंडियन आॅयल की रिफाइनरियों के कमर्चारियों साथ साथ आपूर्ति व वितरण से जुड़े कर्मी आदि शामिल हैं। देशव्यापी 21दिवसीय लॉकडाउन की शुरुआत के बाद से इंडियनआॅयल ने अपने कामकाज की निरंतरता सुनिश्चित करने के साथ साथ अपने सभी हितधारकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक रणनीति बनाई है। मोबाइल संचार, डिजिटल कनेक्टिविटी और समर्पित पोर्टर्लों के माध्यम से गैर.महत्वपूर्ण स्थानों में कमर्चारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था की सुविधा के लिए त्वरित कदम उठाए गए। जबकि रिफाइनरियों, पाइपलाइनों, एलपीजी बॉटलिंग प्लांट्स, टर्मिनलों, डिपो और एविएशन फ्यूलिंग  स्टेशनों सहित आपूर्ति स्थानों पर पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति बनाए रखने के लिए अनुकूलित जनशक्ति के साथ काम करना जारी है। कॉरपोरेशन द्वारा मीडिया और सार्वजनिक घोषणाओं के माध्यम से लाखों ग्राहकों को आश्वस्त किया जा रहा है कि देश में कहीं भी ईंधन की आपूर्ति में कोई कमी नहीं है। कॉरपोरेशन के अध्यक्ष संजीव सिंह और अन्य निदेशक वीडियो और ईमेल संदेशों के माध्यम से नियमित रूप से कमर्चारियों के साथ बातचीत कर रहे हैं। 

5 लाख रुपए तक की सहायता की जाएगी

लॉकडाउन अवधि के दौरान घर से काम करने वाले कमर्चारियों के लिए एक विशेष पोर्टल विकसित किया गया है। कंपनी उन कमर्चारियों के परिवारों के संपर्क में रहती हैं, जिन्हें कार्यालय मेंऔर सेवानिवृत्त कमर्चारियों को भी उनके स्वास्थ्य, कल्याण और आवश्यकताओं के बाद पूछताछ करने के लिए तैनात किया जाता है। साथ ही कार्य के दौरान कर्मचारी की दुर्भाग्यवश मौत पर पांच लाख रुपए तक की सहायता का प्रावधान किया गया है।