किसानों को खाद एवं उर्वरक की सब्सिडी लेने नहीं लगाना होगा अगूंठा

किसानों को खाद एवं उर्वरक की सब्सिडी लेने नहीं लगाना होगा अगूंठा

 भोपाल । केंद्रीय उर्वरक मंत्रालय ने कोरोना महामारी के चलते कृषकों की सुविधा के लिए डीबीटी में अब वोटर कार्ड या किसान क्रेडिट कार्ड के नंबर तथा नाम के साथ भी उर्वरक विक्रय किया जा सकता है। किसानों को इसके लिए मिलने वाली सब्सिडी पाने अब अगूंठा नहीं लगाना होगा, बल्कि आधार नंबर के जरिए ही सब्सिडी का भी लाभ मिल जाएगा। इससे मप्र के एक करोड़ से ज्यादा किसानों को लाभ मिलने की संभावना है। अभी किसानों को फर्टिलाइजर या खाद खरीदने के लिए या तो सहकारी बैंकों से ऋण लेना पड़ता था या प्राइवेट विक्रेता से महंगे दामों पर क्रय करना पड़ता है। भारत सरकार के उर्वरक मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव धरमपाल ने पत्र क्रमांक 15011 के तहत डीबीटी 27 अप्रैल के माध्यम से सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के प्रमुख सचिव कृषि को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। हालांकि केन्द्र सरकार का प्रयास है कि देश भर में अधिक से अधिक उर्वरक बिक्री बायोमेट्रिक सत्यापन पर हो, वहीं आसाम और जम्मू कश्मीर इस व्यवस्था से मुक्त रखा हैं। इसके अलावा उर्वरक मंत्रालय ने विक्रेताओं को कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए सभी आवश्यक दिशा निर्देशों का पालन करने का कहा है। उर्वरक अनुदान के लिए एक मार्च 2018 से उर्वरक मंत्रालय द्वारा डीबीटी योजना लागू की गई है। जिसके लिए पूरे देश में 2 लाख 27 हजार पीओएस मशीन उर्वरक रीटेल विक्रय केंद्रों पर स्थापित की गई थी। पीओएस मशीन पर किसान के अंगूठे के बायोमेट्रिक इंप्रेशन से आधार की पहचान कर उर्वरक अनुदान का वितरण किया जाता है।

इस तरह होगी अब नई व्यवस्था 

सर्वप्रथम रिटेलर को कंप्यूटर पर नो ऑप्शन  को चुनना होगा।  उसके बाद खरीददार का नाम, केसीसी,इलेक्शन कार्ड का नंबर तथा के साथ आधार नंबर लिखना होगा। रिटेलर को ध्यान रखना होगा कि खरीदार का नाम आधार कार्ड के अनुसार ही हो।

केंद्र सरकार ने अभी नियम बदले 

लॉकडाउन के चलते उर्वरक मंत्रालय ने अभी नियमों में छूट दी है। मप्र में इसका फायदा करीब एक करोड़ किसानों को मिलेगा। अभी पीओएस मशीन पर किसानों को सब्सिडी लेने अगूंठा लगाना पड़ता था, मगर अब इसकी जरूरत नहीं पडेगी। अजीत केसरी, प्रमुख सचिव, कृषि विकास विभाग