मप्र में पहली मौत, इंदौर में उज्जैन की महिला ने दम तोड़ा

मप्र में पहली मौत, इंदौर में उज्जैन की महिला ने दम तोड़ा
मप्र में पहली मौत, इंदौर में उज्जैन की महिला ने दम तोड़ा

इंदौर/भोपाल ।  कोरोना का कहर अब मप्र पर भी बरपने लगा है। बुधवार को कोरोना से संक्रमित उज्जैन की महिला रूबिया बी (65) ने इलाज के दौरान एमवाय अस्पताल में दम तोड़ दिया। महिला को सांस में तकलीफ होने के चलते 22 मार्च को स्थानीय अस्पताल में दाखिल किया था। स्थिति गंभीर होने पर उसे एमवायएच लाए थे। उधर, इंदौर में 4 और मरीज पॉजिटिव पाए गए हैं। इसके बाद मप्र में कोरोना पीड़ित मरीजों की कुल संख्या 15 हो गई है। परिवार में 12 सदस्य: सीएमएचओ डॉ. प्रवीण जडिया ने बताया कि महिला संक्रमित कैसे हुई, जानकारी नहीं है। परिवार में 12 सदस्य हैं, जिसमें से एक घर से भाग निकला है, शेष 11 की जांच की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग को चिंता है कि अगर वह दूसरों के संपर्क में आया तो संक्रमण बढ़ सकता है। चार संक्रमितों में दो ने वैष्णो देवी की यात्रा की थी बुधवार को इंदौर में जो पॉजिटिव मिले उनमें महिला के अलावा चार अन्य मरीज इंदौर के ही हैं। इनमें एक महिला, तीन पुरुष हैं। महिला की उम्र 48, पुरुषों की उम्र 48,68 और 65 साल है। संक्रमित दो पुरुष दोस्त है, उन्होंने साथ में पिछले दिनों वैष्णोदेवी की यात्रा की थी। इन्हें बॉम्बे अस्पताल, अरिहंत अस्पताल और एमवाय में भर्र्ती कराया है। 

दुनिया में क्या स्थिति

 पॉजिटिव-4,45, 854, मौतें- 19,786, ठीक-   112, 037 हुए  इटली में बुधवार को कोई भी मौत नहीं हुई। वहां अब तक 6820 लोगों की जान जा चुकी है।  इटली में टेस्ट में पॉजिटिव मिलने पर नर्स ने किया सुसाइड।  ब्रिटेन के प्रिंस चार्ल्स कोरोना पॉजिटिव, आइसोलेट किया।  अमेरिका ने भारत में मौजूद अपने नागरिकों से अपील की है कि भारत के - लॉकडाउन के नियमों का पालन करें।22 ...

और देश में

 देशभर में कोरोना वायरस से अब तक 12 मौतें हो चुकी हैं महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 112 पॉजिटिव मामले सामने आए यूपी में योगी ने यूपी में गुटखा- तंबाकू पर बैन लगाया दिल्ली में एथेनॉल आधारित सैनिटाइजर बनाने की मंजूरी झारखंड सरकार ने आवश्यक वस्तुओं के दाम तय किए

बाजार

 सियाम की रिपोर्ट- आॅटोमोबाइल संयंत्र बंद होने से रोजाना 2300 करोड़ का नुकसान वाहन कंपनियों के शीर्ष संगठन सियाम के अनुसार, कोरोना वायरस महामारी के बीच वाहन-कलपुर्जे संयंत्र बंद होने से उद्योग को रोजाना ?2300 करोड़ से अधिक का नुकसान होगा। गौरतलब है, कोरोना वायरस महामारी के चलते देशव्यापी लॉकडाउन के बीच मारुति सुजुकी, हुंडई, होंडा, महिंद्रा, टाटा मोटर्स, हीरो मोटोकॉर्प और बजाज आॅटो समेत सभी कंपनियों ने उत्पादन रोक दिया है।

10 साल में एक दिन की सबसे बड़ी तेजी

1861.75 अंक चढ़कर 28,557.8 तक पहुंचा सेंसेक्स 516.18 अंक चढ़कर 8, 317.40 पर बंद हुआ

 अलर्ट

 डायबिटीज या अन्य बीमारियों से ग्रसित उम्रदराज लोगों को कोरोना से ज्यादा खतरा

द लांसेट जर्नल के एक अध्ययन के मुताबिक जो लोग उम्रदराज हैं या जिन्हें हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी बीमारियां हैं उनकी कोरोना वायरस से जान जाने का ज्यादा खतरा है। सह अध्ययन चीन में वुहान के दो अस्पतालों के 191 मरीजों पर किया गया था। शोधकर्ताओं ने उन लोगों पर अध्ययन किया जो या तो मर चुके थे या अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके थे। 135 मरीज जिनयिनतान हॉस्पिटल और 56 वुहान पल्मनरी हॉस्पिटल से थे। इनमें 137 डिस्चार्ज और 54 की मौत हो गई थी।

हवा से नहीं फैलता कोरोना:WHO

 डब्ल्यूएचओ के निदेशक टेड्रोस गेब्रियेसस और कोविड-19 पर टेक्निकल लीड डॉ. मारिया वैन करखोवे के साथ लाइव बातचीत में प्रियंका चोपड़ा ने फैन्स के सवाल पूछे। डॉ. मारिया ने बताया कि कोरोना वायरस हवा के जरिए नहीं फैलता और सतह के जरिए फैल सकता है लेकिन इसका यह मतलब नहीं केवल संक्रमित जगह को छूने भर से यह हो जाएगा।

कोरोना से नहीं, तो भूख से मर जाएंगे

सरकारों की व्यवस्था-केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने राज्यों से कहा कि जमा 52,000 करोड़ रुपए का इस्तेमाल निर्माण क्षेत्र में लगे मजदूरों के खाते में सीधे फंड ट्रांसफर करने में किया जाए। पंजाब ने पहले ही निर्माण क्षेत्र में लगे पंजीकृत कामगारों में से हर एक को 3,000 रुपए देने का ऐलान किया है। यूपी और हिमाचल इस बाबत हर ऐसे मजदूर को 1000 रुपए दे रहा है। मध्यप्रदेश में सीएम शिवराज सिंह चौहान ने पेंशनधारकों को दो माह की एडवांस पेंशन देने की बात कही है। मप्र समेत कई प्रदेशों में बेघरों के लिए रहने का इंतजाम और सामूहिक रसोई लगाकर खाने की व्यवस्था की जा रही है। दिल्ली सरकार ने सामूहिक किचन खोलने की बात कही है। देश में इस वक्त निर्माण क्षेत्र में 3.5 करोड़ रजिस्टर्ड मजदूर हैं। 

केंद्र ने कहा- घबराएं नहीं, 21 दिन खुली रहेंगी दुकानें

 केंद्र सरकार ने बुधवार को कैबिनेट बैठक की। इसके बाद स्पस्ट किया कि 21 दिन के लॉकडाउन में देशभर में कहीं भी आवश्यक वस्तुओं की दुकानें बंद नहीं होंगी। दरअसल, सरकार को खबरें मिल रही थीं कि लोग अचानक सामान इकट्ठा करने में लगे थे। इसलिए सरकार को इस पर फैसला लेना पड़ा। केद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बुधवार को यहां मंत्रिमंडल की बैठक के बाद यह जानकारी दी। लॉकडाउन 21 दिन का क्यों? ऐसे समझें : जावड़ेकर ने बताया कि आवश्यक सेवाओं की सभी दुकानें हर रोज खुलेंगी, चाहे दूध हो, फल-सब्जी हो, अंडा-मांस हो या फिर अन्य जरूरी सामान। सभी वस्तुएं वैसे ही उपलब्ध होंगी, जैसे आम दिनों में उपलब्ध होती है। उन्होंने गुजरात के एक शहर और पुडुचेरी की एक दुकान का फोटो दिखाकर कहा कि लोग जागरूक हों और दूर बनाकर रखें।

कालाबाजारी की तो कार्रवाई

जावड़ेकर ने बताया कि यदि कोई दुकानदार जमाखोरी का काम करता है तो उस पर कठोर कार्रवाई होगी। सरकार ने कहा - अगर दाम भी बढ़ाए तो मजबूरन सरकार को कार्रवाई करनी होगी।