नहीं बन पा रही घमापुर-रांझी रोड, 2 साल लगेंगे,1 किमी का टेंडर तक नहीं हो पाया

नहीं बन पा रही घमापुर-रांझी रोड, 2 साल लगेंगे,1 किमी का टेंडर तक नहीं हो पाया

 जबलपुर  घमापुर से रांझी तक बनने वाली फोरलेन रोड का काम अभी तक 20 फीसदी भी नहीं हो पाया है। काम की गति देखते हुए अभी इसके 2 साल तक और नहीं बनने के आसार हैं। यहां तक कि 2 साल पहले जीसीएफ के जीएम द्वारा अपने हिस्से के 1 किमी लंबे मार्ग की अनुमति दिए जाने के बावजूद नगर निगम ने इसके लिए टेंडर तक जारी नहीं किया है। अब तो लोग यह तक कहने लगे हैं कि घमापुर से रांझी की रोड अभिशप्त है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस रोड को बनाने की तैयारी नगर निगम करीब 10 साल से कर रहा है। पहले जिस कंपनी ने अमरकंटक रोड बनाई थी उसी को इसका टेंडर दिया गया था और कंपनी काम करने के लिए तैयार भी हो गई थी। उस वक्त भी नगर निगम यहां सड़क के अतिक्रमण नहीं हटा पाया,जिसके कारण कंपनी यह काम नहीं कर पाई।

चौड़ाई पर चला था विवाद

इस रोड को 80 फीट चौड़ाई में बनाए जाने का निर्णय हुआ था। जिस पर मेन रांझी बाजार के कुछ व्यवसायिक निर्माणों के मालिकों को आपत्ति हुई और उन्होंने विधायक के द्वारा इसकी चौड़ाई कम करने क ा दबाव बनवाया। हालाकि इस बारे में महापौर डॉ स्वाती गोडबोले अड़ी रहीं और रोड की चौड़ाई अंतत: 80 फीट ही रखे जाने पर निर्णय हुआ। इसमें करीब 300 अतिक्रमण रोड़ा थे। वहीं रोड को 3 फेज में बनाए जाने का निर्णय लिया गया। पहले चरण में पोल शिμिटंग,पुलिया बनाया जाना और अंडरग्राउण्ड वर्क करवाया जाना शुरू हुआ। इसमें रोड का 4.7 किमी हिस्सा लिया गया था।

डिफेंस एरिया की रोड का रोड़ा

इस रोड में जीसीएफ की 1 किमी लंबी रोड का रोड़ा दूर करने महापौर ने कार्यपालन यंत्री अजय शर्मा के साथ जीसीएफ के महाप्रबंधक से सतपुला से गोकलपुर तक की रोड के लिए अनुमति मांगी थी। यह अनुमति तत्काल जीएम ने अनुमति भी दी थी,नगर निगम व स्मार्ट सिटी की वर्किंग का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अनुमति मिले करीब 2 साल होने को आए मगर इस हिस्से का टेंडर तक जारी नहीं किया जा सका।

ये हैं वर्तमान में हाल

इस रोड का करीब 20 प्रतिशत काम हुआ है। ननि के पास राशि न होने सेइसे स्मार्ट सिटी योजना में शामिल कर इसका निर्माण करवाना शुरू किया गया। वर्तमान में रांझी से गोकलपुर तक डिवाइडर का काम हो चुका है। नाली बन चुकी है और कुछ स्थानों पर टायरिंग का काम भी हो चुका है। वहीं घमापुर में अभी तक अतिक्रमण नहीं हट पाए हैं और डिवाइडर बनाने का काम चालू कर दिया गया है।