डीआरडीई को 63 हेक्टेयर जमीन सरकार उपलब्ध कराए

डीआरडीई को 63 हेक्टेयर जमीन सरकार उपलब्ध कराए

ग्वालियर। डीआरडीई से 200 मीटर के दायरे में आने वाली सभी प्रकार की संपत्ति तोड़ी जाएगी। रक्षा मंत्रालय के इस जवाब के बाद पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को चार दिसंबर को एक पत्र लिखा है। इसमें 63 हेक्टेयर जमीन नि:शुल्क डीआरडीओ को देने के लिए कहा है ताकि सिटी सेंटर क्षेत्र में 9 हजार करोड़ की संपत्ति टूटने से बचाई जा सके। तीन नवम्बर को कांग्रेस नेता एवं राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा के सवाल पर केन्द्रीय रक्षा राज्य मंत्री श्रीपाद नायक द्वारा 2005 के बाद की सभी प्रकार की संपत्ति तोड़ी जाएगी। इस जवाब से चिंतित ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को पत्र लिखकर सिटी सेंटर का व्यावसायिक या आवासीय रूप से उपयोग करने वालों की परेशानी दूर करने 63 हेक्टेयर भूमि जिला प्रशासन ने चिन्हित कर प्रस्ताव सरकार की ओर भेज दिया है। इस प्रस्ताव को जल्द से जल्द मंजूरी दिलाई जाए ताकि सिटी सेंटर पर व्यावसायिकग एवं आवासीय उपयोग करने वालों के माथे पर खिंची चिंता की लकीरों को दूर किया जा सके।

... तो भरपाई संभव नहीं होगी

सिंधिया ने पत्र में कमलनाथ को लिखा है कि अगर वर्ष 2005 के बाद बने हुए निर्माणों को ढहाया गया तो उसकी भरपाई संभव नहीं होगी। क्योंकि रक्षा संकर्म अधिनियम 1903 के अनुसार 2005 के बाद के सभी सरकारी और गैर सरकारी निर्माण ढहाए जाते हैं तो 9 हजार करोड़ का जो नुकसान होगा उसकी भरपाई संभव नहीं होगी। सिंधिया ने लिखा है कि आप मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए डीआरडीई के लिए जमीन मुहैया कराने जल्द स्वीकृति प्रदान करेंगे।

यह निर्माण हैं खतरे में

डीआरडीई को रक्षा मंत्रालय के निर्देशों के तहत चलाया गया तो 200 मीटर के दायरे में आने वाली इमारतों में कैप्टन रूप सिंह स्टेडियम, नगर निगम का मुख्यालय, एजी आॅफि स का पुल, जीविवि के कई भवन भी चपेट में आएंगे। इन्हें बचाने के लिए सरकार को मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए कदम उठाना चाहिए।