सेहत से खिलवाड़ : शहर की 30 हजार की आबादी को रोजाना टैंकरों से पुराने कुओं का गंदा पानी हो रहा सप्लाई

सेहत से खिलवाड़ : शहर की 30 हजार की आबादी को रोजाना टैंकरों से पुराने कुओं का गंदा पानी हो रहा सप्लाई

भोपाल। अगर आपकी कॉलोनी या मोहल्ले में टैंकरों से पानी की सप्लाई हो रही है, तो सतर्क हो जाएं, क्योंकि जो पानी आपके यहां सप्लाई किया जा रहा है, वह नहाने- धोने लायक भी नहीं है। दरअसल निगम ने जिन वॉटर सप्लायर्स से वॉटर सप्लाई का करार किया है, वह पैसे बचाने की खातिर नगर निगम के हाइड्रेंट का पानी सप्लाई करने के बजाए पुराने गंदे कुओं और बावड़ियों का पानी टैंकरों से सप्लाई कर रहे हैं। ऐसा वे इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि अगर वॉटर सप्लायर्स निगम के हाइड्रेंट से पानी लेते हैं, तो उनको इसकी कीमत चुकानी होती है, वहीं अगर वह पुरानी बावड़ियों और कुओं से पानी लेते हैं, तो ये उन्हें बिल्कुल मुफ्त मिलता है। लिहाजा पुराने कुओं और बावड़ियों का गंदा पानी वॉटर टैंकर सप्लायर्स की पहली पसंद है। जिसे वह आम शहरी को पिलाकर उनकी सेहत से खुलेआम खिलवाड़ कर रहे हैं। बता दें कि हर साल की तरह इस साल भी गर्मियों में जल संकट से निपटने को नगर निगम ने प्राईवेट वॉटर टैंकर सप्लायर्स से करार किया है। वर्तमान में निगम 22 प्राइवेट वॉटर टैंकरों से पानी सप्लाई करा रहा है और इन्हीं टैंकरों में रोजाना शहर की 20 से 30 हजार आबादी को गंदा पानी सप्लाई किया जाता है। इस बारे में निगम अधिकारी मानते हैं कि कुएं का गंदा पानी सप्लाई करने की शिकायत मिली थी, इसके बाद टैंकर सप्लायर्स को कुएं का पानी सप्लाई न करने का अल्टीमेटम दिया गया था।

बागमुफ्ती साहब कुएं में शांति नगर कुएं का गंदा पानी

शाहजानांबाद स्थित बागमुफ्ती साहब एरिया में यहां स्थित पुराने कुएं से पानी सप्लाई की जाती है। ये कुआं निगम संप टैंक की तरह इस्तेमाल करता है। रोजाना टैंकरों से कुआं भरा जाता है और फिर मोहल्ले सप्लाई होती है। इस कुएं को इब्राहिमगंज स्थित शांति नगर मोहल्ले के कुएं से पानी लाकर भरा जाता है, जो पीने लायक नहीं है। इस कुएं के पानी से टीला जमालपुरा संपटैंक भी भरा जाता है। ये लोगों की सेहत से खिलवाड़ है।