1234 करोड़ रुपए की रिकार्ड कमाई होशंगाबाद फिर सबसे महंगा जिला

1234 करोड़ रुपए की रिकार्ड कमाई होशंगाबाद फिर सबसे महंगा जिला

भोपाल प्रदेश की रेत खदानों के लिए शनिवार को आॅनलाइन नीलामी हुई। इससे सरकार को पिछले साल की अपेक्षा वर्ष 2019-20 के लिए पांच गुना अधिक राजस्व मिलेगा। इस बार राज्य खजाने में 1234 करोड़ रुपए की आमदनी होगी। पिछले वर्ष इन्हीं खदानों से सरकार को 240 करोड़ रुपए की आय हुई थी। कांग्रेस सरकार द्वारा लाई गई नई रेत नीति के बाद पहली नीलामी प्रक्रिया अपनाई गई। सरकार ने रेत की उपलब्धता के आधार पर 43 जिलों के समूह बनाए थे और इनसे आॅनलाइन पोर्टल के जरिए टेंडर बुलाए थे। इन समूहों से 243 निविदाएं प्राप्त हुई थीं। इनमें शनिवार को 36 जिलों के समूहों के लिए नीलामी हुई। इस नीलामी से सरकार को 1234 करोड़ की राजस्व मिलेगा। जिसका आपसेट प्राइस 448 करोड़ रखा गया। जिन खदान समूहों के टेंडर खुले हैं, उन्होंने 600 करोड़ रुपए जमा कर दिए गए हैं। बची हुई सात खदानों समूहों के टेंडर खुलने के बाद ढाई सौ करोड़ रुपए और मिलेंगे। ग्वालियर जिले में आरक्षित मूल्य से 500 प्रतिशत ज्यादा में खदानें गई हैं। होशंगाबाद जिले की खदाने आरक्षित मूल्य 100करोड़ के विरुद्ध 217 करोड़ में गई, जो सर्वाधिक है।

राजस्व बढ़ने के कारण

* नई रेत खदान नीति लागू की गई। इसमें राजस्व वृद्धि के बिंदु शामिल किए गए।

* आॅन लाइन टेंडर बुलाए गए, जिससे प्रक्रिया में पूरी तरह पारदर्शिता रही।

* इस बार खदानों के समूहों में ठेके हुए। प्रक्रिया में बड़े-बड़े ठेकेदार शामिल हुए, जिन्होंने ज्यादा बोली आफसेट रेट से ज्यादा की बोली लगाई।

* छोटे-छोटे ठेकेदार बाहर हो गए।

* पंचायतों का हस्तक्षेप लगभग खत्म हुआ। खनिज विभाग के पास पूरी राशि गई।